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Yogini Ekadashi 2026: योगिनी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा?

Updated: शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 (11:10 IST)
Ashadha Krishna Yogini Ekadashi: हिंदू धर्म में योगिनी एकादशी का विशेष महत्व है। आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली इस एकादशी को सभी पापों से मुक्ति दिलाने वाली और जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाली माना गया है। पद्म पुराण के अनुसार, योगिनी एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं धर्मराज युधिष्ठिर को बताया था कि इस व्रत को करने से 88,000 ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य फल मिलता है।ALSO READ: देवशयनी एकादशी से चातुर्मास क्यों शुरू होता है? जानें धार्मिक मान्यता और आध्यात्मिक महत्व
 
वर्ष 2026 में आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी का व्रत गृहस्थों और वैष्णव संप्रदाय के लिए दो अलग-अलग दिन रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार तिथियों और व्रत का विवरण पाठकों की सुविधा हेतु नीचे दिया गया है...
 
बता दें कि गृहस्थ जीवन जीने वालों के लिए: 10 जुलाई 2026, शुक्रवार को व्रत रखना शास्त्र-सम्मत रहेगा। तथा वैष्णव संप्रदाय/ साधु-संतों के लिए: 11 जुलाई 2026, शनिवार को व्रत रखा जाएगा।
 

इस बार योगिनी एकादशी व्रत समय

योगिनी एकादशी शुक्रवार, जुलाई 10, 2026 को

आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का प्रारम्भ- 10 जुलाई 2026 को 08:16 ए एम से, 
एकादशी तिथि समाप्त- 11 जुलाई, 2026 को 05:22 ए एम पर। 
 
पारण/ व्रत तोड़ने का समय- 11 जुलाई को 01:50 पी एम से 04:36 पी एम
जो श्रद्धालु 10 जुलाई को व्रत रखेंगे, उनके लिए पारण (व्रत खोलने) का शुभ समय उपरोक्तानुसार रहेगा।
पारण तिथि के दिन हरि वासर समाप्त होने का समय- 10:32 ए एम पर।
 
 
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गौण योगिनी एकादशी शनिवार, 11 जुलाई 2026 को

गौण योगिनी एकादशी तिथि का प्रारम्भ- 10 जुलाई 2026 को 08:16 ए एम बजे
एकादशी तिथि समाप्त- 11 जुलाई 2026 को 05:22 ए एम बजे।
 
गौण एकादशी के लिए पारण या व्रत तोड़ने का समय- 12 जुलाई को 05:32 ए एम से 08:18 ए एम पर।
पारण के दिन द्वादशी सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगी।
 
बता दें कि योगिनी एकादशी निर्जला एकादशी के बाद और देवशयनी एकादशी से पहले आती है तथा इस एकादशी का व्रत करने से समस्त पाप मिट जाते हैं और जीवन में समृद्धि और अनंत आनंद की प्राप्ति होती है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: वर्ष 2026 में देवशयनी एकादशी कब है?

लेखक के बारे में
राजश्री कासलीवाल
श्रीमती राजश्री कासलीवाल पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव। धर्म, व्रत-त्योहार, ज्योतिष, रेसिपी, साहित्य, लाइफ स्टाइल और अन्य विषयों पर लेखन का कार्य। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब-एडिटर (कंटेंट) के पद पर कार्यरत हैं।  .... और पढ़ें

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