ब्‍लॉग-चर्चा

बेजी जैसन की कठपुतलियाँ और दृष्टिकोण

WD
उनके अपने ब्‍लॉगों और हिंदी ब्‍लॉग की वर्तमान स्थिति और उसके भविष्‍य आदि सवालों पर वेबदुनिया से उनकी लंबी बातचीत हुई। इस बातचीत को हम यहाँ बिना किसी संपादकीय काट-छाँट के ज्‍यों-का-त्‍यों प्रस्‍तुत कर रहे हैं।

हिंदी ब्‍लॉग - वर्तमान और भविष्य
बेजी जैसन से वेबदुनिया की बातचीत


आपने ब्‍लॉग की शुरुआत कब और कैसे की। हिंदी में ब्‍लॉग शुरू करने का ख्‍याल कैसे आया।

26 अप्रैल, 2006 को अपने जन्मदिन के दिन मैंने ब्लॉग लिखना शुरू किया। ब्लॉग, मेरा भाई जो अमेरिका में है, उसने बनाया था। उसी ने कहा कि जो लिखती हो, उसे यहाँ वहाँ ड़ालने की जगह व्यवस्थित एक जगह पर रखो। मैंने रोमन में ही लिखना शुरू किया था। और कौन लिख रहा है, इसका कोई अंदाज़ा नहीं था। मैं किसी के लिये नहीं लिख रही थी। अपने जीवन में दौड़ते-दौड़ते रुकी थी... पलटकर देखना चाहती थी, कहाँ से आई हूँ, कहाँ जा रही हूँ। इस दौरान बहुत से ऐसे लोग, जो पीछे छूट गए थे उनसे मिली। पुरानी अनुभूतियों को हिन्दी में ही महसूस किया, अपने व्‍यक्तित्‍व का एक भूला हुआ हिस्सा याद आ गया। रोमन में पढ़ते हुए कई बार अर्थ खो जाता। तभी देवनागरी लिपि की तलाश शुरू की। इन्स्टॉल किया और लिखना शुरू किया। एक दिन (करीबन लिखना शुरू करने के छह महीने बाद) नेट पर प्रतीक का चिट्ठा मिला। वहाँ से प्रतीक ही एग्रीगेटर तक पहुँचा आया

आपके कौन-कौन से ब्‍लॉग हैं

मैंने छह ब्लॉग खोले हैं। इरादा साहित्य में योगदान देने का नहीं था। अपने जीवन के अलग-अलग पहलू, जो धुँधले पड़ गए थे, उसे शब्दों में सँभालने का था

मेरी कठपुतलिया
यह कविताओं के लिये बनाया गया था। यहाँ कच्ची अनुभूतियाँ हैं, जिन्हें मैंने संपादित नहीं किया। किसी एक पल को पूरी ईमानदारी से शब्द देने की कोशिश है। यह मेरी पसंदीदा साइट है। यहाँ कई बार मुझे भी मुझे भी बहुत कुछ नया जानने को मिलता है।
WD


दृष्टिको
मोहल्ला विवाद के समय सारा को चिट्‍ठी मेरी कठपुतलियाँ में ही डाली थी। फिर महसूस किया कि गद्य लिखने के लिये यह जगह उपयुक्त नहीं है। कविताएँ मुझे लिखती हैं और गद्य मैं लिखती हूँ। इस फर्क को सहेजने के लिये दृष्टिकोण की शुरुआत की

My friend….my soulmate
Angels in cradle
Down the Memory Lane

जीवन-साथी, बच्चों और भाई के साथ के कुछ लम्हों को सहेजने की कोशिश अँग्रेजी के इन तीन ब्‍लॉगों में है।

Pearls of Wisdom
कुछ महान लोगों की कही हुई बातें इस ब्‍लॉग में हैं, जिसने मेरे जीवन को भी दिशा दी है

ब्‍लॉग पर लिखते हुए आप किन्‍हीं खास विषयों पर ही लिखती हैं। आप अपने विषय का चुनाव किस आधार पर करती हैं

jitendra|
ब्लॉग पर लिखते हुए कोई भी अनुशासन अपने ऊपर नहीं डाला है। कब, कहाँ, कैसे, कितना...कोई बंदिश नहीं है। भावनाओं के स्तर पर बात उठती है तो कविताओं से, विचार के स्तर पर बात दृष्टिकोण के माध्यम से कह देती हूँ। विषय कुछ भी हो सकते हैं। इनका चुनाव करने का तरीका भी आसान है। हाल में मैं अपने जीवन में कहाँ हूँ। कई बार दुनिया के अहम पहलुओं से मेरा कोई नाता नहीं होता और कई बार छोटी-से-छोटी बात भी बहुत मायने रखती है।



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