dharma sangrah

Life in the times of corona: कोवि-डि‍वोर्स, कोरोना बेबीज… क्‍या बदल जाएगी दुन‍िया की पर‍िभाषा?

Updated: शनिवार, 4 अप्रैल 2020 (13:54 IST)
जो दुन‍िया अभी नजर आ रही है, उसकी क‍िसी ने कल्‍पना तक नहीं की थी। प‍िछले कुछ महीनों में कई तरह की चीजें बदल चुकी हैं। बाजार बंद हैं। सड़कें सुनसान हैं। लोग घरों में कैद हैं जबक‍ि जानवर जंगलों से शहरों में आ चुके हैं। दुनि‍या के कई शहरों में पॉल्‍यूशन का स्‍तर घट गया है। वाहनों और उनके हॉर्न के शोर की बजाए अब चीड़ि‍यां, कबूतर, मोर और कौओं की आवाजें आ रही हैं।

इंटरनेट पर कई तरह के मीम्‍स वायरल हैं। इनमें से एक मीम इस पूरी कहानी को बेहद की स्‍पष्‍ट तौर से पर‍िभाषि‍त कर रहा है।

जू में रखा जानवरों का एक प‍िंजरा है। उस प‍िंजरे में इंसान कैद हैं और बाहर से जानवर उन्‍हें न‍िहार रहे हैं। ठीक उसी तरह जैसे कभी इंसान जू में जाकर प‍िंजरे में बंद जानवरों को नि‍हारता था और सेल्‍फी लेता था।

क्‍या यह दुन‍िया की पर‍िभाषा बदलने वाला दृश्‍य है। या यूं कहें क‍ि प्रकृति‍ धीरे-धीरे जीवन का कॉन्‍सेप्‍ट बदल रही है।

इस सबके केंद्र में कोरोना वायरस है। कोरोना ने ज‍िस तरह से दुन‍िया में कहर बरपाया है, उससे सबकुछ बदल गया है।

सबसे चौंकाने वाली खबर यह है क‍ि चीन के कई शहरों में तलाक के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसके पीछे जो कारण बताया जा रहा है, वो पति‍-पत्‍नी का ज्‍यादा समय तक साथ रहना है। यानी ज्‍यादा वक्‍त तक साथ रहने से अनबन बढ़ रही।

दूसरी च‍िंता वाली खबर भारत से आ रही है। एक मीडि‍या र‍िपोर्ट के मुताबिक लॉकडाउन पीर‍ियड में घरेलू ह‍िंसा के मामलों में इजाफा हुआ है। इसके पीछे भी कारण यही बताया जा रहा है क‍ि अब लोग ज्‍यादा साथ में रह रहे हैं, इसल‍िए यह दि‍क्‍कत आ रही है। तो ऐसे में सवाल है क‍ि इंसान अब सामाज‍िक नहीं रह गया है।

लॉकडाउन को लेकर कुछ मजेदार बातें भी सामने आ रही हैं। इसको लेकर कई मीम्‍स और धारणाएं सामने आ रही हैं।

कहा जा रहा है क‍ि कोव‍िड-19 के दौर में होने वाले तलाक को कोवि‍-डि‍वोर्स कहा जाएगा। वहीं इस समय में यानी कोरोना के समय में पैदा हुए बच्‍चों को आने वाले समय में कोरोना-बेबीज कहा जाएगा। इसी तरह इस दौर में वयस्‍क हो रहे टीनएजर्स को क्‍वारन-टीन के तौर पर जाना जाएगा।
लेखक के बारे में
नवीन रांगियाल
नवीन रांगियाल DAVV Indore से जर्नलिज्‍म में मास्‍टर हैं। वे इंदौर, भोपाल, मुंबई, नागपुर और देवास आदि शहरों में दैनिक भास्‍कर, नईदुनिया, लोकमत और प्रजातंत्र जैसे राष्‍ट्रीय अखबारों में काम कर चुके हैं। करीब 15 साल प्रिंट मीडिया में काम करते हुए उन्‍हें फिल्‍ड रिपोर्टिंग का अच्‍छा-खासा अनुभव है। उन्‍होंने अखबार.... और पढ़ें

Show comments

लॉन्च हुआ सस्ता 5G स्मार्टफोन, 6000mAh बैटरी और 120Hz डिस्प्ले, जानिए फीचर्स

MG Hector Tomahawk PHEV लॉन्च, 1100 KM से ज्यादा की रेंज, जानिए कीमत और फीचर्स

क्या होती है फ्लैश फ्लड? क्यों पहाड़ों से अचानक आता है बर्बादी का सैलाब और नेपाल प्रलय से भारत क्यों है अलर्ट पर

Gen Alpha मैदान में, पटना BPSC प्रदर्शन में 6 साल का आदित्य आया सुर्खियों में, CM सम्राट चौधरी के इस्तीफे की कर दी मांग

नितिन गडकरी का संन्यास वाला बयान संगठन के बाद सरकार में पीढ़ी परिवर्तन का संकेत?

सभी देखें

पूर्वी यूपी के 21 व बुंदेलखंड के 7 जनपदों में कृषि उत्पादकता व अन्नदाताओं की आय में होगी वृद्धि : योगी

Nepal Flood Live Updates : नेपाल बाढ़ से तबाही, 92 की मौत, भारत ने भेजी मानवीय सहायता, 108 भारतीय लापता

अयोध्या में रामलला को 10000, कर्मचारियों के लिए 4 करोड़ का दान

Nepal Flood: यूपी के कुशीनगर, महराजगंज, सरयू और घाघरा के तटीय इलाकों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

जालसाजी कर 944 हेक्टेयर जमीन बैंकों में गिरवी रख ऋण लेने वाली दो कंपनियों पर योगी सरकार का शिकंजा, वापस ली सारी भूमि

अगला लेख