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मेरठ में कोरोना संदिग्धों की जांच का महाअभियान शुरु, घर-घर ढूंढे जाएंगे मरीज

Updated: गुरुवार, 2 जुलाई 2020 (15:36 IST)
मेरठ में स्वास्थ्य विभाग की 1400 टीमें कोरोना संदिग्धों की पड़ताल में जुट गई हैं और ये टीमें गली-गली गांव-गांव जा रही हैं और हर घर का दरवाज़ा खटखटा कर उनकी सेहत के बारे में पूछ रही हैं। कोरोना को खत्म करने के लिए मेरठ मंडल में स्पेशल सर्विलांस की शुरुआत हो गई है। इस महाअभियान को पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर शुरू किया गया है।

इसके तहत मेडिकल की टीमें आज घर-घर जाकर लोगों का स्वास्थ्य ब्यौरा जुटा रही हैं, इतना ही नहीं कोरोना संक्रमित मिलने पर उसे तुरंत हॉस्पिटल में एडमिट कराया जाएगा। इस महाअभियान को पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर शुरू किया गया है, स्क्रीनिंग अभियान के तहत हर घर की मार्किंग भी की जाएगी।

घर-घर जाकर जांच के दौरान किसी में भी अगर खांसी, बुखार या अन्य लक्षण पाए जाएंगे तो उसकी सैंपलिंग की जाएगी। एंटीजन किट के ज़रिए ऐसे संदिग्धों की जांच भी पन्द्रह मिनट में आ जाएगी। यही नहीं गंभीर रोगियों की लिस्ट भी अलग से बनाई जा रही है।

दो जुलाई से आगामी बारह जुलाई तक ये महाभियान समूचे मेरठ मंडल में चलाया जाएगा। जिलाधिकारी मेरठ का कहना है कि इस कवायद में हर घर का सर्वे होगा और हर बीमार व्यक्ति का इलाज किया जाएगा। ज्यादा गंभीर रोगियों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।

नोडल अधिकारी पी. गुरुप्रसाद इस कवायद की शुरुआत के दौरान मौजूद रहे और उन्होंने कहा कि घर-घर सर्वे के दौरान अगर कोई भी कोरोना का संदिग्ध मिलता है तो एंटीजन किट के माध्यम से जांच की जाएगी, जिसका रिज़ल्ट पन्द्रह मिनट के अंदर आ जाएगा।

पी. गुरुप्रसाद ने कहा कि गंभीर रोगियों की लिस्ट भी अलग से बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना की मृत्यु दर में कमी लाना चुनौती है और इस चुनौती का सामना करते हुए टीम लगातार प्रयास कर रही है जिसका असर है कि बीते सप्ताह से यहां मौतों के आंकड़े में कमी आई है।

कोरोना मुक्त मेरठ के सपने को साकार करने के लिए जिला स्‍तर पर 1400 टीमें गठित की गई हैं, इन टीमों में मुख्य रूप से पल्‍स पोलियो अभियान में जुटे स्वास्थ्य कर्मचारियों और एएनएम, एआरएम को जोड़ा गया है। हर टीम को प्रतिदिन 50-55 घरों का स्वास्थ्य सर्वे करके रिकॉर्ड जुटाना है।

टीम द्वारा थर्मल स्कैनिंग भी की जा रही है। वही टीम लोगों को जागरूक भी कर रही है कि बार-बार घरों के दरवाजों को न छुएं, बीस सेकंड तक साबुन से हाथ धोएं, यदि किसी को बुखार, खांसी, जुकाम या सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दें। वहीं सर्वे टीम का कहना है कि लोग अभी कोरोना को लेकर डरे हुए हैं, पूरी जानकारी देने से डर रहे हैं।

गौरतलब है कि मेरठ में कोरोना के मरीज़ों का कुल आंकड़ा 1011 है और कोरोना से अब तक 70 मरीज़ों की जान जा चुकी है। कुल 701 रोगी अब तक कोरोना को मात दे चुके हैं, जबकि 240 एक्टिव केस बचे हुए हैं।
लेखक के बारे में
हिमा अग्रवाल

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