कोरोना वायरस : नेपाल सीमा सील, लौटाए 1000 विदेशी

पुनः संशोधित शनिवार, 14 मार्च 2020 (09:19 IST)
नई दिल्ली। की चुनौती से निपटने के लिए नेपाल सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। शुक्रवार को नेपाल के रास्ते भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों को लौटा दिया गया। पिछले दो दिन में एक हजार से ज्यादा विदेशी लौटाए गए हैं। इस सिलसिले में शुक्रवार को कमिश्नर जयंत नार्लिकर, डीआईजी राजेश डी मोदक की मौजूदगी में बैठक भी हुई।

एसएसबी, पुलिस की अलग-अलग टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। बॉर्डर पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉक्टरों की टीम लगाई गई है, जो आने वाले सभी भारतीयों और नेपाली नागरिकों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं। भारत से नेपाल जाने वालों पर रोक नहीं है मगर नेपाल से भारत किसी भी विदेशी को नहीं आने दिया जा रहा है।


जानकारी के मुताबिक कमिश्नर और डीआईजी ने शुक्रवार को एयरपोर्ट पर भी बैठक की। इसमें कोरोना वायरस से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई। साथ ही बताया गया कि केंद्र सरकार ने भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों का वीजा रद कर दिया है। इस कारण नेपाल सीमा को सील कर दिया गया है। नेपाल सीमा पर जो भी विदेशी आ रहे हैं, उन्हें वापस भेजा जा रहा है। रोजाना 500 से 700 विदेशी नागरिक नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल होते हैं।

हालांकि इन दिनों संख्या में गिरावट आई है। प्रशासनिक अफसरों के पास जो रिकार्ड है, उसके मुताबिक एक हजार विदेशी नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल होना चाहते थे जिन्हें सीमा पर ही रोक दिया गया। भारत से नेपाल जाने और नेपाली नागरिकाें के भारत में आने की संख्या भी काफी ज्यादा होती है। इन पर रोक तो नहीं है मगर इन्हें जांच के बाद ही सीमा में प्रवेश दिया जा रहा है। अब भारत की ओर से कोशिश शुरू कर दी गई है कि लोग इन दिनों नेपाल में आनाजाना कम कर दें। बहुत जरूरी होने पर ही बॉर्डर पार करें।

भारत-नेपाल सीमा पर पांच कोरोना संदिग्ध विदेशी मिले हैं। थर्मल स्कैनर से जांच हुई तो सबको तेज बुखार मिला। इसके बाद ही विदेशियों को नेपाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथ ही दूतावासों को जानकारी दे दी गई। भारतीय दूतावास को भी सूचना दी गई है।


भारत-नेपाल सीमा कई जगहों से खुली हुई है। पगडंडियों से भी पैदल आने जाने का रास्ता है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के पुलिस महानिदेशक कुमार राजेश चंद्रा ने पत्र जारी कर निर्देश दिया कि इन पगडंडियों पर एसएसबी के जवान नजर रखें। अगर किसी को संदिग्ध पाएं तो उनका समुचित उपचार कराएं। कोरोना वायरस किसी भी दशा में आम आदमी के बीच ना पहुंचने पाए। (एजेंसी)



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