Corona संकट: कर्मचारियों, पेंशनभोगियों के DA की नई किस्तों पर जून 2021 तक रोक

Last Updated: गुरुवार, 23 अप्रैल 2020 (21:23 IST)
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी का असर अब सरकारी कर्मचारियों पर भी पड़ने लगा है। केंद्र सरकार ने इस संकट के कारण बढ़े वित्तीय बोझ के चलते 50 लाख सरकारी कर्मचारियों और 61 लाख के करीब पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) में जून 2021तक कोई वृद्धि नहीं करने का फैसला किया है।

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने कहा, ‘कोरोना वायरस महामारी के कारण उत्पन्न संकट को देखते हुए केंद्र सरकार के कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते में एक जनवरी 2020 से मिलने वाली किस्त का भुगतान नहीं करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही एक जुलाई 2020 से और 1 जनवरी 2021 में जारी होने वाली महंगाई भत्ते की अगली किस्तों का भुगतान भी नहीं करने का निर्णय लिया गया है।’
हालांकि, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मौजूदा दर पर महंगाई भत्ते का लाभ मिलता रहेगा। वित्त मंत्रालय के अनुसार 1 जुलाई 2021 के बाद जब भी सरकार महंगाई भत्ते और मंहगाई राहत की अगली किस्त जारी करने का फैसला करेगी, उस समय एक जनवरी 2020, एक जुलाई 2020 और एक जनवरी 2021 में प्रभावी महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की बढ़ी दर को आगे के लिये इसमें समाहित कर दिया जायेगा और एक जुलाई 2021 से उसी बढ़ी दर पर भत्ता दिया जाएगा।
हालांकि, इसमें स्पष्ट किया गया है कि एक जनवरी 2020 से लेकर 30 जून 2021 तक की अवधि के लिए महंगाई भत्ते अथवा महंगाई राहत के बकाये का भुगतान नहीं किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, सरकारी कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि को रोकने के इस कदम से सरकार को चालू वित्त वर्ष 2020-21 और अगले वित्त वर्ष 2021-22 में कुल मिलाकर 37,530 करोड़ रुपये की बचत होगी। आमतौर पर इस मामले में राज्य सरकारें भी केंद्र सरकार का अनुसरण करती हैं।
राज्य सरकारों को इस अवधि में महंगाई भत्ते की बढ़ी दर का भुगतान नहीं करने से 82,566 करोड़ रुपए तक की बचत होगी। कुल मिलाकर केंद्र और राज्यों के स्तर पर इससे 1.20 लाख करोड़ रुपए की बचत होगी। इससे सरकारों को राजस्व के संग्रह में आ रही कमी के संकट से जूझने में मदद मिलेगी।

इससे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जनवरी 2020 से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता चार प्रतिशत बढ़ाकर 21 प्रतिशत करने का निर्णय लिया था। अब गुरुवार को लिए गए निर्णय से इस वृद्धि को भी रोक दिया गया है। अब अगले साल 30 जून तक महंगाई भत्ते की प्रभावी दर 17 प्रतिशत ही रहेगी। (भाषा)



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