सोमवार, 22 अप्रैल 2024
  • Webdunia Deals
  1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. कोरोना वायरस
  4. 80 percent corona cases in 90 districts of India
Written By
Last Modified: शुक्रवार, 9 जुलाई 2021 (01:47 IST)

भारत के 90 जिलों में 80 फीसदी Corona केस, 14 जिले पूर्वोत्तर के

भारत के 90 जिलों में 80 फीसदी Corona केस, 14 जिले पूर्वोत्तर के - 80 percent corona cases in 90 districts of India
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि भारत में कोरोनावायरस (Coronavirus) कोविड-19 के 80 प्रतिशत मामले 90 जिलों से सामने आए हैं, जिनमें से 14 पूर्वोत्तर राज्यों में हैं और मंत्रालय ने रेखांकित किया कि दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है और हमें अपनी सावधानी कम नहीं करनी चाहिए।

पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़ी विशिष्ट चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव, लव अग्रवाल ने कहा कि भारत सरकार ने कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए एक सक्रिय, एहतियाती और क्रमिक दृष्टिकोण का पालन करके इन राज्यों की सहायता की है।

अग्रवाल भारत में वर्तमान कोरोनावायरस स्थिति, टीकों और टीकाकरण के बारे में फैले भ्रम को दूर करने और कोविड-19-उपयुक्त व्यवहार के महत्व को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर पूर्वोत्तर राज्यों के मीडिया पेशेवरों और स्वास्थ्य संवाददाताओं के लिए यूनिसेफ के साथ साझेदारी में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यशाला में बोल रहे थे।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के मीडिया पेशेवरों और स्वास्थ्य संवाददाताओं ने कार्यशाला में भाग लिया। भारत की कोविड-19 प्रबंधन रणनीति पर प्रकाश डालते हुए, अग्रवाल ने कहा कि कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में तीन महत्वपूर्ण घटक हैं- कोविड-उपयुक्त व्यवहार का सामूहिक पालन, साक्ष्य-आधारित रिपोर्टिंग और वायरस और टीकाकरण के बारे में मिथकों को दूर करना।
उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों में उपचाराधीन मामलों और टीकाकरण अभियान की स्थिति का विवरण भी साझा किया।मिथकों के साथ-साथ टीकाकरण से जुड़ी आशंकाओं और चिंताओं को दूर करके कोविड टीकाकरण के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाने में मीडिया को एक महत्वपूर्ण हितधारक बताते हुए, उन्होंने कहा कि देश में अब तक 36.48 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं।
उन्होंने मीडियाकर्मियों से सामुदायिक योद्धाओं को रोल-मॉडल के रूप में सराहकर इसे एक जन आंदोलन (जन आंदोलन) बनाने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि मीडियाकर्मियों का समाज पर बड़ा प्रभाव होता है, इसलिए वे लोगों को टीका लगवाने और कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं।(भाषा)
ये भी पढ़ें
स्थि​र रहे पेट्रोल-डीजल के दाम, दिल्ली में 65 दिन में 10.16 रुपए महंगा हुआ पेट्रोल