देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एसएसआईएल) की 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष में घरेलू बाजार में यात्री वाहनों की बिक्री इसके पिछले वित्त वर्ष में 17 लाख 59 हजार 881 के मुकाबले 0.5 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी के साथ 17 लाख 60 हजार 767 इकाई पर पहुंच गई।
कंपनी ने मंगलवार को बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में उसने घरेलू बाजार में कुल 17 लाख 60 हजार 767 यात्री वाहनों की बिक्री की, जो वित्त वर्ष 2023-24 की 17 लाख 59 हजार 881 के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अधिक है। हालांकि आलोच्य अवधि में उसकी मिनी कारें अल्टो और एस-प्रेसो की घरेलू बिक्री एक लाख 42 हजार 94 इकाई के मुकाबले 11.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ एक लाख 25 हजार 770 इकाई रह गई।
कॉम्पैक्ट कारों बलेनो, सिलेरियो, डिजायर, इग्निस, स्विफ्ट और वैगनआर की बिक्री 828,015 इकाई से घटकर 896,507 इकाई तथा मिडसाइज सेडान सियाज की बिक्री 10,337 से गिरकर 8,402 इकाई पर आ गई। इस तरह समाप्त वित्त वर्ष में उसकी कुल यात्री कारों की बिक्री नौ लाख 80 हजार 446 से 7.7 प्रतिशत कम होकर नौ लाख चार हजार 909 इकाई रह गई।
आलोच्य अवधि में कंपनी के यूटिलिटीज वाहनों ब्रेजा, एर्टिगा, फ्राॅन्क्स, ग्रैंड विटारा, इनविक्टो, जिमी और एक्सएल6 की बिक्री छह लाख 42 हजार 296 से 12.13 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ सात लाख 20 हजार 186 इकाई पर पहुंच गई जबकि वैन श्रेणी ईको की बिक्री 137,139 से घटकर 135,672 इकाई पर आ गई। हालांकि इस अवधि में उसके हल्के वाणिज्यिक वाहन (एलसीवी) सुपर कैरी की बिक्री 33,763 से बढ़कर 34,492 इकाई हो गई। इस तरह घरेलू बाजार में उसने कुल 17 लाख 95 हजार 259 एलसीवी और यात्री वाहन बेचे, जो वित्त वर्ष 2023-24 के 17 लाख 93 हजार 644 से 0.09 प्रतिशत अधिक है।
इस अवधि में कंपनी के वाहनों के निर्यात में 17.5 प्रतिशत का उछाल आया और यह दो लाख 83 हजार 67 से बढ़कर तीन लाख 32 हजार 585 इकाई पर पहुंच गया। इस तरह से निर्यात सहित उसकी कुल बिक्री 21 लाख 35 हजार 323 के मुकाबले 4.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 22 लाख 34 हजार 266 इकाई हो गई। इस तरह कंपनी ने लगातार दूसरे वर्ष कुल बिक्री में 20 लाख इकाई के लक्ष्य को पार कर लिया है।
कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी एवं अंतिम तिमाही में घरेलू बाजार में उसकी कुल कार बिक्री में 3.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 82 हजार 263 से घटकर 79 हजार 237 इकाई रह गई। इस अवधि में उसकी मिनी कारें अल्ट्रो एवं एस-प्रेसो की बिक्री 11 हजार 829 से कम होकर 11 हजार 655, कॉम्पैक्ट कारें बलेनो, सिलेरियो, डिजायर, इग्निस, स्विफ्ट और वैगनआर की 69 हजार 844 से गिरकर 66 हजार 906 रह गई।
उसने बताया कि इस अवधि में उसकी मिडसाइज कार सियाज की बिक्री 590 से बढ़कर 676, यूटिलिटी वाहन ब्रेजा, एर्टिगा, फ्रॉन्क्स, ग्रैंड विटारा, इनविक्टो, जिमी और एक्सएल6 की बिक्री 58 हजार 436 से बढ़कर 61 हजार 97 इकाई हो गई जबकि ईको की बिक्री 12 हजार 19 से घटकर 10 हजार 409 पर आ गई। इस तरह चौथी तिमाही में उसकी यात्री वाहनों की कुल घरेलू बिक्री एक लाख 52 हजार 718 से मामूली गिरावट के साथ एक लाख 50 हजार 743 इकाई रह गई।
आलोच्य तिमाही में उसके एलसीवी सुपर कैरी की बिक्री 3612 से घटकर 2391 इकाई पर आ गई। इस दौरान उसके वाहनों के निर्यात में 27.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 25 हजार 892 से बढ़कर 32 हजार 968 इकाई हो गई। इस अवधि में निर्यात सहित उसकी कुल बिक्री एक लाख 87 हजार 196 के मुकाबले 3.09 प्रतिशत की बढ़ोतरी लेकर एक लाख 92 हजार 984 इकाई हो गई।
टाटा मोटर्स की बिक्री घटी
देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स लिमिटेड के 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष में घरेलू बाजार में वाहनों की कुल बिक्री इसके पिछले वित्त वर्ष के नौ लाख 49 हजार 15 इकाई के मुकाबले चार प्रतिशत कम होकर नौ लाख 12 हजार 155 इकाई रह गई।
कंपनी ने मंगलवार को बताया कि उसने वित्त वर्ष 2024-25 में घरेलू बाजार में कुल नौ लाख 12 हजार 155 वाहनों की बिक्री की, जो वित्त वर्ष 2023-24 के नौ लाख 49 हजार 015 इकाई के मुकाबले चार प्रतिशत कम है। समाप्त वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में उसके वाहनों की बिक्री दो लाख 59 हजार 932 से पांच प्रतिशत घटकर दो लाख 45 हजार 891 इकाई पर आ गई।
समाप्त वित्त वर्ष में घरेलू बाजार में उसके वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में भी पांच प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह तीन लाख 78 हजार 60 से कम होकर तीन लाख 58 हजार 570 इकाई रह गई। हालांकि इस अवधि में उसका निर्यात 17 हजार 785 से तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी लेकर 18 हजार 333 इकाई पर पहुंच गया। इस तरह आलोच्य अवधि में निर्यात सहित वाणिज्यिक वाहनों की कुल बिक्री तीन लाख 95 हजार 845 से पांच प्रतिशत घटकर 3 लाख 76 हजार 903 इकाई पर आ गई।
कंपनी ने बताया कि समाप्त वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में भी वाणिज्यिक वाहनों की घरेलू बिक्री एक लाख चार हजार 922 से पांच प्रतिशत गिरकर 99 हजार 764 इकाई पर आ गई। वहीं इसका निर्यात 4,517 के मुकाबले 30 प्रतिशत बढ़कर 5,879 इकाई हो गया। इस तरह इस अवधि में निर्यात सहित कुल बिक्री एक लाख नौ हजार 439 की तुलना में तीन प्रतिशत घटकर एक लाख पांच हजार 643 इकाई पर आ गई।
उसने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में उसके यात्री वाहनों की निर्यात सहित कुल बिक्री 73 हजार 833 के मुकाबले 13 प्रतिशत की गिरावट लेकर 64 हजार 276 इकाई पर आ गई।
इसी तरह चौथी तिमाही में निर्यात सहित कुल बिक्री 20 हजार 640 इकाई की तुलना में 23 प्रतिशत कम होकर 15 हजार 936 इकाई रह गई। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शैलेश चंद्रा ने कहा कि वित्त वर्ष 2025 में यात्री वाहनों की बिक्री के 43 लाख इकाई तक पहुंचने की उम्मीद है, जो कि दो प्रतिशत की मामूली वृद्धि को दर्शाता है। स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) श्रेणी ने दहाई अंकों की वृद्धि के साथ बाजार पर अपना प्रभुत्व बनाए रखा और नई कार बिक्री में लगभग 55 प्रतिशत का योगदान दिया। उत्सर्जन-अनुकूल सीएनजी वाहनों की मांग में लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) ने भी नई संभावनाओं के संकेत दिए क्योंकि अधिक उद्योग भागीदारों ने ग्राहकों की पसंद को बढ़ाया और ईकोसिस्टम को मजबूत किया।
चंद्रा ने कहा कि आगे की मांग वृद्धि को उपभोग वृद्धि, महंगाई, बुनियादी ढांचा खर्च और वैश्विक भू-राजनीतिक कारकों जैसे मैक्रोइकोनॉमिक तत्वों द्वारा निर्धारित किया जाएगा। हालांकि उद्योग की प्रगति को ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताओं के साथ सामंजस्यपूर्ण नवाचार से आगे बढ़ने की उम्मीद है। एसयूवी, सीएनजी और ईवी उद्योग के विस्तार के प्रमुख प्रेरक बने रहेंगे। टाटा मोटर्स अपनी मल्टी-पावरट्रेन रणनीति और रणनीतिक रूप से संरेखित उत्पाद पोर्टफोलियो के साथ बाजार के अवसरों को भुनाने और अपनी गति बनाए रखने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
ऑडी की बिक्री 17 प्रतिशत बढ़ी
जर्मनी की लग्ज़री कार निर्माता कंपनी ऑडी ने चालू वर्ष पहली तिमाही में भारत में 1223 लक्जरी वाहनों की बिक्री है जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 17 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने आज यहां जारी बयान में कहा कि उसके वाहनों की बिक्री आयी तेजी लग्ज़री कार बाजार में ब्रांड की बढ़ती मांग को दिखाता है। वर्ष 2025 की पहली तिमाही के ऑडी इंडिया के विभिन्न प्रोडक्टों और सप्लाई चेन की बेहतर स्थिरता का लाभ उठाने के सफल प्रयासों को उजागर करते हैं। इस वृद्धि में प्रमुख योगदानकर्ताओं में ऑडी क्यू7 और ऑडी क्यू8 जैसे मॉडलों की निरंतर लोकप्रियता शामिल है। यह अच्छा प्रदर्शन पिछले साल की तरह ही जारी है, जब ऑडी इंडिया ने भारत की सड़कों पर 100,000 गाड़ियाँ बेचने की बड़ी उपलब्धि हासिल की थी।
ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह ढिल्लों ने कहा, “ हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि 2025 की शुरुआत हमारे लिए बहुत अच्छी रही है। हमारी बिक्री में जो वृद्धि हुई है, वह दिखाती है कि हमारे ग्राहकों को ऑडी ब्रांड पर कितना भरोसा है और हमारे उत्पादों में कितनी ताकत है। 2024 में हमने सामान की आपूर्ति में आने वाली मुश्किलों का सामना किया, लेकिन अब हम भारत में लग्जरी गाड़ियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तैयार हैं। हम आने वाले समय में भी अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं और हमारा लक्ष्य अपने ग्राहकों को बेहतरीन उत्पाद और अनुभव प्रदान करना है।
ब्रांड के प्री-ओन्ड कार व्यवसाय, ऑडी अप्रूव्ड : प्लस ने 2024 की इसी अवधि की तुलना में 2025 की पहली तिमाही में 23 प्रतिशत की वृद्धि की है। देश भर के प्रमुख केंद्रों में 26 स्टोरों में संचालन करते हुए, यह सेगमेंट प्रमाणित प्री-ओन्ड लग्जरी वाहनों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ऑडी इंडिया की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है। ब्रांड अपने ग्राहकों के लिए पहुंच बढ़ाने के लिए इस नेटवर्क का विस्तार करने की योजना बना रहा है।
इनपुट एजेंसियां Edited by: Sudhir Sharma