365 डेज़ : फिल्म समीक्षा

Last Updated: मंगलवार, 7 जुलाई 2020 (18:21 IST)
पर भारत ही नहीं बल्कि कई देशों में '365 डेज़' खूब देखी जा रही है। इसकी एक प्रमुख वजह यह हो सकती है कि फिल्म में बोल्ड दृश्यों की भरमार है।

हीरो-हीरोइन कई बार रति-क्रिया करते हुए नजर आते हैं। इसके अलावा फिल्म देखने का कोई कारण नजर नहीं आता। फिल्म देखने के बाद महसूस होता है कि एक बकवास फिल्म देख समय बरबाद कर दिया।

कहानी के नाम पर फिल्म खाली है और इसी से इसके मेकर्स का उद्देश्य समझ आता है। उन्हें महज 'बोल्डनेस' को फिल्म में हाईलाइट करना था और इसी काम पर उन्होंने ध्यान दिया।

एक गैंगस्टर दूर समुंदर किनारे खड़ी महिला को देख उस पर फिदा हो जाता है। पांच साल बाद जब वह उस महिला को फिर देखता है तो उसका अपहरण कर लेता है।

वह उस महिला को कहता है कि 365 दिन उसे उसके पास रहना होगा। यदि इस दौरान वह उससे प्यार कर बैठती है तो दोनों ताउम्र साथ रह सकते हैं। हां, इस दौरान वह महिला को उसकी इजाजत के बिना हाथ नहीं लगाएगा।

यह शर्त पढ़ने में अच्‍छी लग सकती है, लेकिन फिल्म में इस जानदार ट्विस्ट को बिलकुल भी महत्व नहीं देते हुए बरबाद कर दिया गया है।

बात-बात में भड़कने वाला, हत्यारा, जंगलियों की तरह व्यवहार करने वाले गैंगस्टर में एक भी ऐसी क्वालिटी नजर नहीं आती कि उसके कब्जे के कैद लड़की उसे दिल दे बैठे।

लेकिन गैंगस्टर की ताकत, महलनुमा घर, चार्टर्ड प्लेन की सवारी, महंगे कपड़े और एसेसरिज़ धारण करने वाले इस इंसान पर वह लड़की फिदा हो जाती है। उससे शादी करने के लिए तैयार हो जाती है। पैसों की चकाचौंध में सारे अवगुण नजर नहीं आते।

फिल्म अपराध और अपराधी का महिमामंडन करती है। फिल्म देख लगता है कि आपको अपराधी बन जाना चाहिए। पुलिस को जेब में रख सकते हैं। किसी भी लड़की का अपहरण कर सकते हैं और यहां तक कि उसका दिल भी जीत सकते हैं।

लड़की का किरदार दर्शाता है कि जिसके पास पैसा हो उससे वह शादी के लिए तैयार हो जाती है, भले ही उसमें लाख ऐब हों।
इस बेढंगी कहानी को जम कर खींचा गया है। बॉलीवुड फिल्मों की तरह गाने डाले गए हैं। कुछ घटनाक्रम हास्यास्पद हैं। किरदारों को ठीक से विकसित नहीं किया गया है। सेक्सी सीन भी इस तरह की कहानी में अनसेक्सी लगते हैं।

फिल्म का एक ही पक्ष उजला है कि इसे उम्दा तरीके से फिल्माया गया है, लेकिन केवल ये देखने के लिए दो घंटे खर्च करना बहुत महंगा सौदा है।

निर्माता : Maciej Kawulski, Ewa Lewandowska, Tomasz Mandes
निर्देशक : Barbara Białowąs, Tomasz Mandes
कलाकार : Michele Morrone, Anna-Maria Sieklucka
नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध * अंग्रेजी सब-टाइटल के साथ
रेटिंग : 1/5



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