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पेड़ की डाली कट गई, लेकिन चिराग भी गिर गए...

Updated: बुधवार, 11 नवंबर 2020 (14:37 IST)
पटना। एक पुरानी कहावत है- 'जिस डाली पर बैठे हो यदि उसी को काटोगे तो खुद भी जमीन पर गिरोगे'। लोजपा नेता चिराग पासवान के लिए इसी तरह के शब्दों का उपयोग किया है 'हम' पार्टी के मुखिया जीतनराम मांझी ने। 

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नीतीश के करीबी और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के नेता मांझी ने कहा कि चिराग पासवान जिस डाल पर बैठे थे, उसी को काटने का काम किया है। डाली कट गई, लेकिन वह भी जमीन पर गिर गए। दरअसल पासवान अपने ही 'चिराग' से भस्म हो गए हैं। 
 
उल्लेखनीय है कि चिराग पासवान की लोजपा ने सबसे ज्यादा नुकसान नीतीश कुमार की पार्टी जदयू को पहुंचाया है, जबकि किसी समय उनकी पार्टी राज्य एनडीए का ही हिस्सा थी। 
 
माना जा रहा है कि यदि चिराग अलग होकर चुनाव नहीं लड़ते तो जदयू की सीटें इससे कहीं ज्यादा होतीं और एनडीए का आंकड़ा 150 के लगभग पहुंच सकता था।
 
बिहार विधानसभा चुनाव में लोजपा ने जहां भाजपा के पक्ष में उम्मीदवार उतारे थे, वहीं जदयू के खिलाफ सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। ऐसे में जदयू को नुकसान झेलना पड़ा था। 
 

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