कोरोना वायरस का बढ़ता ख़तरा, कैसे करें बचाव

पुनः संशोधित मंगलवार, 3 मार्च 2020 (07:31 IST)
विज़ुअल जर्नलिज़म टीम, बीबीसी न्यूज़
कोरोनावायरस अब चीन में उतनी तेज़ी से नहीं बढ़ रहा जितना दूसरे देशों में फैल रहा है। ये वायरस अब तक 60 से ज़्यादा देशों में फैल चुका है।
 
भारत में दिल्ली और तेलंगाना में भी इसके दो मामले सामने आए हैं। इस संक्रमण के बढ़ते ख़तरे को देखते हुए सावधानी बरतने की ज़रूरत है ताकि इसे फैलने से रोका जा सके।
 
विश्व स्वास्थ्य संगठन, पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड और नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) से प्राप्त सूचना के आधार पर आगे आपको से बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं।
 
संक्रमण से कैसे बचें
अभी तक ये पूरी तरह से पता नहीं चल सका है कि कोरोना वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में कैसे फैलता है। हालांकि, इससे मिलते-जुलते वायरस खांसी और छींक से गिरने वाली बूंदों के ज़रिए फैलते हैं। इसलिए आप ख़तरे को कम करने के लिए इन बातों का ध्यान रख सकते हैं-
 



एनएचएस की सलाह के मुताबिक़, अपने हाथ अच्छी तरह धोएं। खांसते या छींकते वक़्त अपना मुंह ढक लें और हाथ साफ़ न हों तो आंखों, नाक और मुंह को छूने बचें।
 
इस तरह के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं कि कोरोना वायरस पार्सल, चिट्ठीयों या खाने के ज़रिए फैलता है। कोरोना वायरस जैसे वायरस शरीर के बाहर बहुत ज़्यादा समय तक ज़िंदा नहीं रह सकते।

कितना ख़तरा
ब्रिटेन में चीफ़ मेडिकल ऑफ़िसर्स ने सार्वजनिक ख़तरे के स्तर को कम से मध्यम कर दिया है। लेकिन, एनएचएस का कहना है कि व्यक्तिगत तौर पर जोखिम कम है।
 
हालांकि, कुछ ऐसे देश हैं जहां पर कोरोना वायरस से ग्रस्त व्यक्ति के संपर्क में आने की ज़्यादा आशंका है। इसलिए ब्रिटेन में चीन, इटली और ईरान से वापस आए लोगों के लिए खास सलाह ज़ारी की गई है।
 
अगर आप इससे संक्रमित हो जाते हैं तो हल्के-फुल्के लक्षण सामने आएंगे। आप इसके संक्रमण से उबर भी सकते हैं।
 
वैज्ञानिकों का मानना है कि बीमारी से होने वाली मौतों की दर कम है। यह 1 से 2 प्रतिशत के बीच है। यह भी पता चला है कि जिनकी मौत हुई, वो या तो उम्रदराज़ थे या उन्हें पहले से ही कोई बीमारी थी।
 
लेकिन, ध्यान देने वाली बात यह है कि वायरस के शुरुआती स्तर के मामलों और हल्के-फुल्के लक्षणों वाले मामलों को अभी गिना नहीं गया है। इसलिए संक्रमति मामलों की सामने आई संख्या पूरी तरह भरोसेमंद नहीं कही जा सकती।

क्या हैं लक्षण
इस कोरोनावायरस (कोवाइड-19) में पहले बुख़ार होता है, इसके बाद सूखी खांसी होती है और फिर एक हफ़्ते बाद सांस लेने में परेशानी होने लगती है।
 
हालांकि, इन लक्षणों का मतलब ये नहीं है कि आपको कोरोना वायरस का संक्रमण है।
 
कुछ और वायरस में भी इसी तरह के लक्षण पाए जाते हैं जैसे ज़ुकाम और फ्लू में।
 
कोरोना वायरस के गंभीर मामलों में निमोनिया, सांस लेने में बहुत ज़्यादा परेशानी, किडनी फ़ेल होना और यहां तक कि मौत भी हो सकती है।
 
उम्रदराज़ लोग और जिन लोगों को पहले से ही कोई बीमारी है (जैसे अस्थमा, मधुमेह, दिल की बीमारी) उनके मामले में ख़तरा गंभीर हो सकता है।
 
ख़ुद को अकेले कैसे रखें
 
अगर आप संक्रमित इलाक़े से आए हैं या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहे हैं तो आपको अकेले रहने की सलाह दी जा सकती है। ऐसे में ये तरीके अपनाएं -
 
  • घर पर रहें
  • ऑफ़िस, स्कूल या सार्वजनिक जगहों पर न जाएं
  • सार्वजनिक वाहन जैसे बस, ट्रेन, ऑटो या टैक्सी से यात्रा न करें
  • घर में मेहमानों को न बुलाएं
  • कोशिश करें कि घर का सामान किसी और से मंगाएं।
अगर आप और भी लोगों के साथ रह रहे हैं तो ज़्यादा सतर्कता बरतें। अलग कमरे में रहें और साझा रसोई व बाथरूम को लगातार साफ़ करें।
 
14 दिनों तक ऐसा करते रहें ताकि संक्रमण का ख़तरा कम हो सके।
 
कोरोनावायरस से संक्रमित पाए जाएं तो...
 
वर्तमान में कोरोना वायरस का कोई इलाज नहीं है लेकिन इसमें बीमारी के लक्षण कम होने वाली दवाइयां दी जा सकती हैं।
 
जब तक आप ठीक न हो जाएं, तब तक आपको दूसरों से अलग रहना होगा।
 
कोरोना वायरस के इलाज़ के लिए वैक्सीन विकसित करने पर काम चल रहा है। उम्मीद है कि साल के अंत तक इंसानों पर इसका परीक्षण कर लिया जाएगा।
 
कुछ अस्पताल एंटी-वायरल दवाओं का भी परीक्षण कर रहे हैं।

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