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Vat Savitri vrat 2020 : वट वृक्ष का पूजन धार्मिक एवं चिकित्सा की दृष्टि से क्यों है उपयोगी, जानिए

गुरुवार,जून 4, 2020
banyan tree in ayurveda
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यूनानी चिकित्सा पद्धति के अनुसार तुलसी में बीमारियों को ठीक करने की जबर्दस्त क्षमता है। तुलसी में संक्रमण को दूर करने के साथ-साथ तनाव और अन्य बीमारियों के खिलाफ प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है।
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सबसे पहले एक बर्तन में 1 कप पानी लेकर उबलने के लिए रख दें। उसमें हल्दी को छोड़कर उपरोक्त सभी सामग्री डाल दें और अच्छी तरह उबाल लें, जब तक पानी 3/4 (पौन कप) न हो जाएं।
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केसर बहुत ही उपयोगी गुणों से युक्त होती है। यह उत्तेजक, वाजीकारक, यौनशक्ति बनाए रखने वाली होती है। यह कामोत्तेजक होती है। इसे त्रिदोष नाशक माना गया है।
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केसर का इस्तेमाल तो हर घर में कई अवसरों पर किया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि केसर किस तरह से भारत में आई, इसकी खेती कहां होती है और इसमें कौनसे गुण मौजूद हैं?
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भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद जगत के प्रणेता तथा वैद्यक शास्त्र के देवता माने जाते हैं। आदिकाल में आयुर्वेद की उत्पत्ति ब्रह्मा से ही मानते हैं।
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तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल केवल पूजन सामग्री के तौर पर ही नहीं किया जाता। आयुर्वेद के अनुसार तुलसी के पत्तों में आश्चर्यजनक गुण होते है, जो सेहत की दृष्टि से बेहद फायदेमंद होते है।
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रसीले पके आम अत्यंत स्वादिष्ट लगते हैं। गर्मियों में इनकी आवक के साथ ही घर-घर में आम के व्यंजन बनने लगते हैं। आम का रस, आम की चटनी, आम के पापड़... और सबसे अच्छा तो इसे यूं ही काट कर खाना माना जाता है। आइए जानते हैं इसके 5 ऐसे फायदे जो आपको अचरज में ...
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हर छोटी-बड़ी समस्या के इलाज में गिलोय बेहद फायदेमंद दवा है। गिलोय या गुडुची, जिसका वैज्ञानिक नाम टीनोस्पोरा कोर्डीफोलिया है, का आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण स्थान है।
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श्वास नलियों में सूजन से चिपचिपा बलगम इकट्ठा होने, नलियों की पेशियों के सख्त हो जाने के कारण मरीज को सांस लेने में तकलीफ होती है। इसे ही अस्थमा कहते हैं।
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सिर्फ एक दवा का प्रयोग कर आप 80 प्रकार के वात रोगों से बच सकते हैं। जी हां, इस दवा का सेवन करने से आप कठिन से कठिन बीमारियों से पूरी तरह से निजात पा सकते हैं।
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शरद पूनम की रात हजार काम छोड़कर 15 मिनट चन्द्रमा को एकटक निहारना सेहत के लिए शुभ होता है। जानिए, और भी आश्चर्यजनक लाभ...
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आर्थराइटिस खास तौर से जोड़ों में होने वाली वह समस्या है, जो दर्द के लिए जिम्मेदार होती है।आयुर्वेद के अनुसार जोड़ों में दर्द इसलिए होता है, क्योंकि जोड़ों में टॉक्सिन यानी जहरीले पदार्थ जमा हो जाते हैं। आयुर्वेद के मुताबिक ऑर्थराइटिस के उपचार में सबसे ...
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आयुर्वेद में हेमपुष्प या ताम्र पल्लव कहा जाने वाला अशोक का पेड़, सेहत की समस्याओं का समाधान करने में मददगार है। इसके पत्ते, छाल, फूल, बीज और यहां तक कि जड़ें भी दवा के रूप में प्रयोग की जाती हैं। जानिए इसके यह 5 फायदे -
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अनियंत्रित एवं अनियमित खानपान के चलते कई शारीरिक एवं मानसिक समस्याएं पैदा होती हैं, जिनमें हृदय रोग भी शामिल है।
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अब 5 रुपए में डायबिटीज की दवा...

सोमवार,अक्टूबर 26, 2015
डायबिटीज के रोगियों के लिए एक अच्‍छी खबर है। वैज्ञानिक रूप से स्‍वीकृत 5 रुपए की गोली से टाइप टू डायबिटीज के रोगियों को लाभ देगी। लखनऊ की काउंसिल ऑफ सां‍इटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) लैब ने इस हर्बल दवा को लॉन्‍च किया है। इसका नाम बीजीआर-34 ...
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आर्टी चोक में 60 से 85 प्रतिशत रोगी आयुर्वेद के उपचार तथा खानपान को नियंत्रित कर बिना किसी शल्यक्रिया के आजीवन स्वास्थ्य रह सकते हैं।
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गिलोय के गुणों की संख्या काफी बड़ी है। इसमें सूजन कम करने, शुगर को नियंत्रित करने, गठिया रोग से लड़ने के अलावा शरीर शोधन के भी गुण होते हैं। गिलोय के इस्तेमाल से सांस संबंधी रोग जैसे दमा और खांसी में फायदा होता है। इसे नीम और आंवला के साथ मिलाकर ...
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आज विश्व की आबादी के 90 प्रतिशत व्यक्ति हृदय रोग से पीड़ित है जो अनियमित भोजन, अनियमित दिनचर्या के साथ फास्ट फूड अत्यधिक प्रोटीन तथा कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से एसिडिटी, गैस, उच्च रक्तचाप, मोटापा तथा मधुमेह जैसे रोग के साथ हृदय रोग ...
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आयुर्वेद से काबू करें अस्थमा

मंगलवार,सितम्बर 6, 2011
अस्थमा और एलर्जी पीड़ितों के लिए यह माह थोड़ा खतरनाक होता है। क्योंकि बारिश के बाद सितंबर में धूल उड़ती है। बारिश के कीटाणुओं को फैलने-पनपने का मौका मिल जाता है। यूं भी वातावरणीय कारकों के कारण बढ़ रही एलर्जी के कारण अस्थमा के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। ...
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