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भोजन की शुरुआत में तीखा तथा अंत में मीठा खाने के 4 फायदे

गुरुवार,मई 6, 2021
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अश्वगंधा को आयुर्वेद में अहम स्थान दिया गया है, इसे एक ऐसा चमत्कारी पौधा माना गया है जो कई तरह की बीमारियों को दूर करने में सक्षम है। आइए, जानते हैं आयुर्वेद के अनुसार अश्वगंधा के गुण -
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केसर किस तरह से भारत में आई, इसकी खेती कहां होती है और इसमें कौन से गुण मौजूद हैं? आइए, जानते हैं केसर से जुड़ी खास बातें :
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गौमूत्र चिक्तिसा को बहुत से लोग सही मानते हैं और कई लोग इसे सही नहीं मानते हैं। गौमूत्र चिकित्सा का समर्थक इसके हर बीमार में लोग को प्रदर्शित करते हैं। हालांकि यह भी कहा जाता है कि इस चिकित्सा पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है। आओ जानते हैं कि ...
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फूलों की कई प्रजातियां ऐसी हैं, जिनमें घाव को भरने से लेकर त्वचा संबंधी बीमारियों को दूर करने का भी उपचार है। गुलाब के फूलों से करें इन बीमारियों को दूर
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उषा पान का आयुर्वेदिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है। हमारे ऋषि-मुनि और प्राचीनकाल के लोग उषा पान करके सेहतमंद बने रहते थे। परंतु आधुनिक युग में व्यक्ति यह सबकुछ भूल गया है। क्या आपको पता है कि उषा पान क्या होता और क्या आपको यह भी पता है कि उषापान करने ...
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आयुर्वेद मानव जाति के लिए ज्ञात सबसे आरंभिक चिकित्‍सा शाखा है। प्राकृतिक चिकित्सा इसका एक अंग मात्र है। आयुर्वेद का जन्म भारत में हुआ। समय समय पर आयुर्वेद की चिकित्सा कराते रहेंगे तो सदा स्वस्थ और युवा बने रहेंगे। तो आओ जानते हैं कि आयुर्वेद में आप ...
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आयुर्वेद मानव जाति के लिए ज्ञात सबसे आरंभिक चिकित्‍सा शाखा है। प्राकृतिक चिकित्सा इसका एक अंग मात्र है। आयुर्वेद का जन्म भारत में हुआ। इसके सूत्र हमें ऋग्वेद और अथर्ववेद में मिलते हैं। आयुर्वेद के जनक और आयुर्वेद के मूल सिद्धांत को जानिए।
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भगवान विष्णु को सबसे प्रिय है तुलसी का पत्ता। भगवान को जब भोग लगाते हैं या उन्हें जल अर्पित करते हैं तो उसमें तुलसी का एक पत्ता रखना जरूरी होता है। तुलसी मुख्यता तीन प्रकार की होती हैं- कृष्ण तुलसी, सफेद तुलसी तथा राम तुलसी जिसमें से कृष्ण तुलसी ...
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भारतीय धर्म और दर्शन में पेड़, पौधों और प्रकृति के सभी तत्वों का मनुष्‍य के जीवन हेतु बहुत महत्व बताया गया है। हिन्दू दर्शन के अनुसार मनुष्य का जीवन प्रकृति से ही संचालिता होता है और इसे समझना जरूरी है। प्रकृति में ही रोग और शोक मिटाने की क्षमता ...
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वर्तमान दौर में कोविड 19 अर्थात कोरोना वायरस से बचने के लिए लोग योग और आयुर्वेद का सहारा ले रहे हैं। इसलिए वे आयुष्मान काढ़ा पी रहे हैं या खुद ही घर पर इसी तरह का काढ़ा बनाकर पी रहे हैं। परंतु यह भी सुनने में आया है कि ज्यादा काढ़ा पीने से पेट और ...
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कोरोना वायरस के काल में इम्युनिटी पावर कैसे बढ़ाएं यह सभी जानना चाहते हैं साथ ही आप सेहतमंद कैसे बने रहे हैं यह भी जरूरी है। परंतु यह बात समझना जरूरी है कि भोजन से ही रोग उत्पन्न होते हैं और उसी से समाप्त। मतलब यह कि भोजन ही आपकी इम्युनिटी बढ़ाने ...
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प्रति वर्ष, आयुष मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस धन्वंतरि जयंती यानी धनतेरस के दिन मनाया जाता है। ज्ञात हो कि सन् 2016 से हर साल धन्वंतरि जयंती के दिन आयुर्वेद दिवस मनाया जा रहा है। वर्ष 2020 में यह दिवस 13 नवंबर 2020 को मनाया जाएगा।
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संसार में कई ऐसी खाने की चीज़े हैं जो हमारे लिए यदि अमृत समान है तो दूसरों के लिए जहर समान हो सकती है। यह व्यक्ति व्यक्ति की तासीर पर निर्भर करता है परंतु हम यहां बता रहे हैं कि कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो हमारे लिए तो अमृत समान है परंतु पशुओं के ...
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हमारे देश की संस्कृति, सभ्यता और धर्म से वट का गहरा नाता है। वट वृक्ष एक ओर शिव का रूप माना गया है तो दूसरी ओर पद्म पुराण में इसे भगवान विष्णु का अवतार कहा गया है
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यूनानी चिकित्सा पद्धति के अनुसार तुलसी में बीमारियों को ठीक करने की जबर्दस्त क्षमता है। तुलसी में संक्रमण को दूर करने के साथ-साथ तनाव और अन्य बीमारियों के खिलाफ प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है।
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सबसे पहले एक बर्तन में 1 कप पानी लेकर उबलने के लिए रख दें। उसमें हल्दी को छोड़कर उपरोक्त सभी सामग्री डाल दें और अच्छी तरह उबाल लें, जब तक पानी 3/4 (पौन कप) न हो जाएं।
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केसर बहुत ही उपयोगी गुणों से युक्त होती है। यह उत्तेजक, वाजीकारक, यौनशक्ति बनाए रखने वाली होती है। यह कामोत्तेजक होती है। इसे त्रिदोष नाशक माना गया है।
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केसर का इस्तेमाल तो हर घर में कई अवसरों पर किया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि केसर किस तरह से भारत में आई, इसकी खेती कहां होती है और इसमें कौनसे गुण मौजूद हैं?
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भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद जगत के प्रणेता तथा वैद्यक शास्त्र के देवता माने जाते हैं। आदिकाल में आयुर्वेद की उत्पत्ति ब्रह्मा से ही मानते हैं।
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