Astrology Zodiac Pisces Lov.htm

Mon, 5 Oct 2026

Notifications

मीन मीन
प्रेम संबंध

मीन राशि वालों के लिए प्रेम उत्तरदायित्वों को लेकर आता है। सदैव प्रसन्नता लेकर नहीं आता प्रेम के बिना उनका जीवन अर्पूण रहता है। उचित व्यक्ति के चुनाव में ये प्रायः असफल भी होते हैं। मीन राशि वाले स्वभाव से ही रोमांटिक होते हैं। उन्हें सौन्दर्य से प्रेम होता है तथा कुरूपता भी उन्हें आकर्षित कर सकती हैं। इन्हे एक समझदार साथी की आवश्यकता होती है, जो इनके ऊपर भार न बनकर सहायक बने परन्तु ये लोग बहुधा उन्हीं की ओर आकर्षित हो जाते है,जो इनके ऊपर भार बनना चाहते है। अतः साथी के चुनाव में इन्हें बहुत सोच समझकर काम लेना चाहिए। इस राशि वाले रोमांटिक प्रकृति के होने के साथ ही सचेत प्रेमी भी होते हैं। वे प्रेम पात्रों से ही प्रेम करते हैं। इनका गृहस्थ जीवन प्रायः सुखकर नहीं होता। सैक्स इनके जीवन का एक आवश्यक कार्यक्रम होता है। वह मात्र शारीरिक संपर्क तक सीमित न रहकर रोमांस एवं कल्पना से परिपूर्ण भी होता है परन्तु इस क्षेत्र में इन्हें विशेष सफलता नहीं मिल पाती क्योंकि ये लोग आवश्यकता से अधिक रोमांस पूर्ण हो जाते हैं। प्रेम हो जाने पर ये लोग अत्यन्त उग्र व्यक्ति को भी निभा सकते हैं। यदि ये लोग स्वयं की ओर अधित ध्यान न दें तथा दूसरों को प्रसन्न करने के व्यर्थ चक्कर में न पड़े तो इनका जीवन निश्चित रूप से सुखी हो सकता है। उनकी भावुकता उनके शरीर पर हावी रहती है। इस राशि वालों का स्वभाव मिथुन राशि वालों की भांति द्विमुखी होता है। ये एक बार एक से अधिक व्यक्तियों को प्रेम कर सकते हैं। इन्हें अपने प्रियपात्र को केवल ग्राहक की स्थिति में ही रखना चाहिए, अपितु उसे कुछ देने का अवसर भी प्रदान करना चाहिए। विपरीत लिंग से संबंध मीन राशि के जातकों में विपरीत लिंग को अपनी ओर आकर्षित करने की विशेष शक्ति होती है। इस राशि के स्त्री-पुरुष विलास प्रिय होते है, परन्तु अपने स्वाभिमान के कारण नीचे नहीं गिर पाते हैं। इस राशि के लोग अपने प्रेमी के बेवफा होते हैं और उसके लिए सब कुछ करने को तैयार रहते हैं। ये प्रेम में अपने सर्वस्व का बलिदान कर सकते हैं। मीन राशि वाले शारीरिक रूप से कर्क तथा कन्या राशि वालों की ओर अवश्य आकर्षित होते हैं। कन्या राशि वालों के साथ उनका विवाह भी हो सकता है।।

16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में सर्वपितृ अमावस्या के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्राद्ध

16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में सर्वपितृ अमावस्या के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्राद्धसनातन परंपरा में सर्वपितृ अमावस्या (जिसे 'पितृ मोक्ष अमावस्या' भी कहा जाता है) का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होने वाले 16 दिवसीय पितृ पक्ष का यह अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। यह पावन तिथि उन सभी पितरों और पूर्वजों को समर्पित है, जिनकी मृत्यु की तिथि ज्ञात न हो, या किसी कारणवश जिनकी तिथि पर उनका श्राद्ध न किया जा सका हो। इस दिन किया गया तर्पण और पिंड दान सभी ज्ञात-अज्ञात पितरों को तृप्त कर उन्हें मोक्ष के द्वार तक पहुँचाता है और परिवार पर उनका अमोघ आशीर्वाद बनाए रखता है। साल 2026 में सर्वपितृ अमावस्या का श्राद्ध 10 अक्टूबर, शनिवार को रखा जाएगा।

16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में चतुर्दशी के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्राद्ध