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मौनी अमावस्या पर बन रहा है दुर्लभ संयोग: पितृ दोष से मुक्ति का सबसे खास उपाय

Written By WD Feature Desk
Updated: बुधवार, 14 जनवरी 2026 (15:57 IST)
Pitru dosha remedies: मौनी अमावस्या पर पितृ तर्पण का विशेष महत्व बताया गया है। मौनी अमावस्या को माघ अमावस्या भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पितरों की पूजा और तर्पण करने से वे प्रसन्न होकर संतान को आशीर्वाद देते हैं, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। शास्त्रों में कहा गया है कि मौनी अमावस्या का तर्पण कई गुना फल देने वाला होता है। वर्ष 2026 में मौनी अमावस्या 18 जनवरी, रविवार को मनाई जाएगी।
 
योग-संयोग: इस बार 18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या पर मकर राशि में मंगल, बुध, शुक्र और सूर्य का चतुर्ग्रही योग बन रहा है। साथ ही इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बना हुआ है। 
 
मौनी अमावस्या का खास उपाय...
 
उपाय: माघ या मौनी अमावस्या के दिन सूर्योदय से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। हो सके तो पवित्र नदी या जलाशय में स्नान करें। 1 स्टील या तांबे के लोटे में जल, काले तिल, कुशा, जौ और थोड़ा सा दूध मिलाएं। अपने पितरों का नाम लेकर श्रद्धा से उनका ध्यान करें। हाथ में जल लेकर अंगूठे और तर्जनी के बीच से धीरे-धीरे जल गिराते हुए तर्पण करें। इस समय 'ॐ पितृ देवतायै नमः' या 'ॐ पितृभ्यो नमः' मंत्र का जप करें। तथा तर्पण के बाद अन्न, वस्त्र या दक्षिणा का दान करें, यह अत्यंत शुभ माना जाता है। 
 
साथ ही निम्न मंत्र का जाप भी कर सकते हैं-
मंत्र- 'ॐ आगच्छन्तु में पितर इमं गृहन्तु जलान्जिलम' 
अर्थात्- मेरे पितर आओ, मेरे द्वारा देने वाली जलांजलि को ग्रहण करो। 
 
नोट: इस अवसर पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तर्पण किया जाता है, क्योंकि यह दिशा पितरों की मानी जाती है। इस तरह पितृ तर्पण करने से वे प्रसन्न होकर शुभाशीष देते हैं। 
 
विशेष सुझाव: यदि किसी कारणवश नदी तट पर तर्पण संभव न हो, तो घर पर साफ स्थान में भी श्रद्धा और नियम के साथ तर्पण किया जा सकता है। भावना और श्रद्धा सबसे अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है।
 
मौनी अमावस्या पर किया गया उपाय निश्चित रूप से पितृ दोष से मुक्ति दिलाएंगे और जीवन को शांति, समृद्धि और खुशहाली से भर देंगे। इस दिन को सही तरीके से अपनाने से न केवल आपका आध्यात्मिक जीवन बेहतर होगा, बल्कि आपको हर दृष्टि से लाभ मिलेगा।
 
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