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मीन मलमास 2025: कब से शुरू होगा मीन मलमास? क्या होगा इसका 3 राशियों पर प्रभाव?

Updated: शनिवार, 8 मार्च 2025 (18:34 IST)
Pisces Malmas 2025: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सूर्य की मीन संक्रांति काल को मीन मलमास कहा जाता है तथा सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने के साथ ही मीन मलमास का प्रारंभ होगा। 2025 में मीन मलमास 14 मार्च 2025 से 14 अप्रैल 2025 तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुभ व मांगलिक कार्यों के लिए यह मलमास अच्छा नहीं माना जाता। इसके अनुसार सूर्य का देव गुरु की राशि में प्रवेश करना मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ है। इस एक महीने के समय में समस्त शुभ व मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं। इस दौरान शादी, विवाह, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश या अन्य कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते। मीन मलमास में मकान का निर्माण कार्य, नया व्यापार प्रारंभ करना या किसी भी कार्य की शुरुआत नहीं की जाती है। यह सभी कार्य मलमास के अंदर अशुभ माने गए हैं, मलमास में शुभ फल प्राप्त करने के लिए धर्म, पुण्य, दान, का विधान है, सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने से इसका प्रभाव 3 राशियों पर नकारात्मक रूप से पड़ेगा है जो कि इस प्रकार है।
 
1. मेष राशि: मेष राशि वालों के लिए सूर्य का गोचर द्वादश भाव में होगा तथा द्वादश भाव में सूर्य राहु का ग्रहण योग बनेगा। इसके प्रभाव से इन राशि वालों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है तथा मेष राशि वाले व्यक्ति शत्रु पक्ष से परेशान रहेंगे। सूर्य राहु के ग्रहण योग के कारण इनको आर्थिक हानि का भी सामना करना पड़ सकता है तथा जो व्यक्ति कर्ज से परेशान है, उनके लिए यह समय खराब रहने वाला है।
 
2. मिथुन राशि: मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य का गोचर दशम भाव में होगा तथा दशम भाव में सूर्य राहु के ग्रहण योग के कारण इनका अपने पिता के साथ मतभेद हो सकता है अथवा पिता सुख में कमी हो सकती है । दशम भाव में ग्रहण योग के प्रभाव से कार्यक्षेत्र में रुकावट आ सकती है तथा प्रतिद्वंदी से व्यक्ति परेशान हो सकता है, नौकरी करने वालों के लिए समय अच्छा नहीं है, नौकरी जाने का डर बना रहेगा।
 
3. सिंह राशि: सिंह राशि वालों के लिए सूर्य का गोचर अष्टम भाव में होगा तथा इसके प्रभाव से इन राशि वालों का स्वास्थ्य खराब हो सकता है तथा आर्थिक हानि का भी योग बन रहा है, सूर्य के अष्टम भाव में होने के कारण इन राशि वालों के मान सम्मान प्रतिष्ठा में कमी आ सकती है । सूर्य के प्रभाव के कारण पारिवारिक लोगों के मध्य तनाव मतभेद हो सकते हैं, अतः अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें।
 

लेखक के बारे में
डॉ. अविनाश शाह

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