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Makar sankranti ke upay: मकर संक्रांति पर कर लें ये 5 अचूक उपाय, पूरे वर्ष नहीं रहेगी धन की कमी

Written By WD Feature Desk
Updated: शुक्रवार, 10 जनवरी 2025 (16:21 IST)
Makar sankranti 2025:  सूर्य के मकर राशि में जाने को मकर संक्रांति कहते हैं। इस दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाता है और फिर धीरे धीरे दिन बड़े होने लगते हैं। मकर संक्रांति का पर्व इस बार 14 जनवरी को मनाया जाएगा। इससे जुड़े त्योहार पोंगल, लोहड़ी और भोगी पण्डिगाई है। इस दिन करेंगे मात्र 5 अचूक उपाय तो संपूर्ण वर्ष सुख, शांति और समृद्धि बनी रहेगी। कभी धन की कमी नहीं रहेगी।
 
1. स्नान : मकर संक्रांति पर पवित्र नदी में स्नान करने से पुण्य में 1000 गुना वृद्धि हो जाती है। 
 
2. शनि आराधना : मकर संक्रांति के दिन सूर्यदेव क्रोध त्याग कर अपने पुत्र शनि के घर गए थे। इसलिए इस दिन शनिदेव की आराधना करने से शनि दोष दूर होकर धन संबंधित सभी तरह की समस्या का समाधान होता है।
 
3. दान पुण्य : मकर संक्रांति का समय दान-पुण्य का सर्वश्रेष्ठ समय कहा गया है। इस दिन कंबल और मीठी वस्तुओं का दान करना चाहिए। साथ ही इस दिन गुड़, घी, तिल और खिचड़ी का दान करना बहुत ही शुभ माना गया है।ALSO READ: मकर संक्रांति 2025: पतंग उड़ाने से पहले जान लें ये 18 सावधानियां
 
4. दीया जलाएं : मकर संक्रांति के दिन एक शुद्ध घी और दूसरा तिल के तेल का दीया जलाएं। फिर तिल वाले दीये को बाईं तरफ और घी वाले दीपक को दाईं ओर रखें। फिर 14 कौड़ियां लेकर उसे केसरयुक्त दूध से स्नान कराएं और गंगा जल से धोकर शुद्ध कर लें।
 
अब मां लक्ष्मी की मूर्ति के सामने बैठकर कौड़ियों को हाथ में लेकर 'ॐ संक्रात्याय नमः' मंत्र का 14 बार जाप करें। फिर शाम के समय पुन: इसी तरह 2 दीये प्रज्वलित करके तिल के दीपक को घर के मुख्य द्वार पर रख दें और घी के दीये को तुलसी के पास रख दें। माना जाता है कि इस उपाय से वर्षभर घर में सुख-समृद्धि और धन की बरकत बनी रहती है।ALSO READ: क्या मकर संक्रांति से दिन बड़े होने लगते हैं? जानें क्या कहता है विज्ञान
 
5. सूर्यदेव को दें अर्घ्य : संक्रांति के दिन तांबे के लोटे के शुद्ध जल भर कर उसमें कुमकुम, अक्षत, काले तिल और लाल पुष्प डालकर और मंत्र- ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः:' का उच्चारण करते हुए सूर्यदेव को जल अर्पित करें तथा कम से कम 501 बार सूर्य मंत्र का जाप करें। तत्पश्चात काले तिल युक्त जल से पितरों को जल अर्घ्य दें। संक्रांति के दिन इस उपाय करने से पूर्वज वर्षभर खुश रहते हैं तथा समृद्धि का आशीष देते हैं।ALSO READ: मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ का प्रसाद क्यों बांटते हैं?

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