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Panchak January 2026: सावधान! इस दिन से शुरू हो रहा है जनवरी का पंचक, भूलकर भी न करें ये 5 शुभ काम

Written By WD Feature Desk
Updated: बुधवार, 21 जनवरी 2026 (10:03 IST)
  1. पंचक किसे कहते हैं?
  2. इस बार कौन सा पंचक है?
  3. जनवरी 2026 में पंचक कब से कब तक?
  4. पंचक में भूलकर भी न करें ये 5 काम
  5. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
 
Panchak kab hai 2026: हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में 'पंचक' को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यताओं के अनुसार, पंचक के पांच दिनों के दौरान कुछ विशेष कार्यों को करना वर्जित होता है, अन्यथा हानि की संभावना बनी रहती है। जनवरी 2026 में पंचक कब शुरू हो रहे हैं और इस बार कौन सा पंचक (राज, अग्नि, या चोर पंचक) लग रहा है? आइए जानते हैं पंचक का समय, महत्व और इस दौरान बरती जाने वाली सावधानियां...ALSO READ: नर्मदा जयंती 2026: कब है, क्यों मनाई जाती है और क्या है इसका धार्मिक महत्व?
 

पंचक किसे कहते हैं?

 
'पंचक' ज्योतिष में एक विशेष अवधि है, जो तब बनती है जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में होता है और धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से गुजरता है। जब चंद्रमा इन पांच नक्षत्रों से होकर गुजरता है, तो उस अवधि को पंचक कहते हैं। 
 

इस बार कौन सा पंचक है?

 
इस बार बुधवार से शुरू होने वाले पंचक को दोषहरित माना गया है, जो कि बुद्धि, धन से जुड़े कार्य के लिये अच्छा होता। Numerology में 5/ पांच अंक को बुध ग्रह का अंक माना जाता है, जो बुद्धि, संचार और व्यापार का प्रतीक होता है। इस दिन पड़ा पंचक इन 5 नक्षत्रों के अशुभ प्रभावों को कम कर सकता है।
 

जनवरी 2026 में पंचक कब से कब तक?

 
ज्योतिष गणना के अनुसार, जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में गोचर करता है, तो उस समय को पंचक कहा जाता है।
 
पंचक प्रारंभ: 21 जनवरी, 2026, बुधवार को 01:35 ए एम बजे।
पंचक समाप्त: 25 जनवरी, 2026, रविवार को 01:35 पी एम बजे।
 

पंचक में भूलकर भी न करें ये 5 काम

 
घास या लकड़ी एकत्र करना: पंचक के दौरान ईंधन, लकड़ी या घास इकट्ठा करना अशुभ माना जाता है।
 
घर की छत बनवाना: इस समय मकान की छत (लेंथ डालना) डलवाना वर्जित है।
 
चारपाई या बेड बनाना: मान्यताओं के अनुसार पंचक में नया बेड या चारपाई बुनना शुभ नहीं होता।
 
दक्षिण दिशा की यात्रा: दक्षिण दिशा को यम की दिशा माना जाता है, पंचक में इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए।
 
अंतिम संस्कार: यदि पंचक में किसी की मृत्यु हो जाए, तो अंतिम संस्कार के समय विशेष विधान (कुश के पुतले साथ जलाना) का पालन किया जाता है।
 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या पंचक में खरीदारी की जा सकती है? 
उत्तर: जी हां, पंचक में कपड़े, आभूषण और घरेलू सामान की खरीदारी वर्जित नहीं है। केवल लकड़ी और छत निर्माण से बचें।
 
Q2. क्या पंचक में विवाह हो सकता है? 
उत्तर: यदि तिथि और मुहूर्त शुभ हैं, तो पंचक में विवाह और मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। पंचक केवल कुछ विशिष्ट कार्यों के लिए वर्जित होता है।
 
Q3. बुध पंचक क्या होता है? 
उत्तर: जो पंचक बुधवार को शुरू होता है उसे 'बुध पंचक' कहते हैं। इस दिन से शुरू पंचक नक्षत्रों के अशुभ प्रभावों में कमी लाता है, तथा यह एक ऐसा समय होता है जब ज्योतिषीय उपायों के साथ कुछ शुभ कार्य कर सकते हैं।
 
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