shaniwar ke upay:; शनिवार की प्रकृति 'दारुण' मानी गई है। यह दिन कर्मफल दाता शनिदेव और संकटमोचक भगवान भैरव को समर्पित है। ज्योतिष और लाल किताब के अनुसार, शनिवार के दिन अनुशासन का पालन करने से व्यक्ति राजसुख प्राप्त कर सकता है। इस दिन आपको 5 कार्य तो भूलकर भी नहीं करना चाहिए और यदि इस दिन आपने 12 में से एक भी उपाय नित्य शनिवार को करने लगे तो किस्मत का ताला निश्चित ही खुल जाएगा। भले ही आजमाकर देखें।
शनिवार को आजमाएं 12 अचूक उपाय:
1. तिलक: माथे पर विभूति, भस्म या लाल चंदन का तिलक लगाएं।
2. भैरव उपासना: भैरव महाराज की पूजा करें और संभव हो तो मंदिर में मदिरा का दान करें।
3. पीपल पूजन: शाम के समय पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करें और तिल के तेल का दीपक जलाएं। यह प्रयोग लगातार 11 शनिवार करें।
4. मंत्र लेखन: रात में अनार की कलम से भोजपत्र पर 'ॐ ह्वीं' लिखकर पूजा करने से बुद्धि और विद्या बढ़ती है।
5. छाया दान: कांसे की कटोरी में सरसों का तेल भरकर अपनी परछाई देखें और इसे दान कर दें। यह शनि पीड़ा को शांत करने का अचूक उपाय है।
6. जीव सेवा: कौवे को रोटी खिलाएं, काले कुत्ते और काली गाय को भोजन दें और चिड़ियों को दाना डालें।
7. मदद: अंधे, अपंग, सफाईकर्मी और सेवकों के साथ विनम्र रहें। उन्हें जूते या अपनी सामर्थ्य अनुसार दान दें।
8. भोजन दान: तेल से बने पकवान भिखारियों को खिलाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।
9. व्यापार: तेल, पेट्रोल, कोयला, लकड़ी और सीमेंट के क्रय-विक्रय के लिए यह उत्तम दिन है।
10. निर्माण: भवन निर्माण शुरू करने या तकनीकी और शल्य चिकित्सा (Surgery) के लिए यह दिन शुभ माना जाता है।
11. दिशा: नैऋत्य, पश्चिम और दक्षिण दिशा में यात्रा करना सुखद रहता है।
12. बाधा मुक्ति का विशेष प्रयोग: किसी शुभ मुहूर्त में अपनी लंबाई के बराबर लाल रेशमी धागा नापकर उसे बरगद के पत्ते पर लपेटें और अपनी मनोकामना कहकर बहते जल में प्रवाहित कर दें। इससे भाग्य उदय होता है।
शनिवार को भूककर भी न करें ये 6 कार्य:
1. नशा: शनिवार को शराब पीना सबसे घातक माना गया है; यह सुख-शांति को नष्ट कर सकता है।
2. भोजन: शनिवार के दिन अपने स्वयं के भोजन में तेल का त्याग करना लाभकारी होता है।
3. विदाई: शनिवार के दिन दामाद या लड़के को उसकी ससुराल नहीं भेजना चाहिए।
4. खरीदारी में सावधानी: इस दिन तेल, लकड़ी, नमक, कोयला और लोहे की वस्तुएं घर खरीदकर नहीं लानी चाहिए। ऐसा करने से कार्यों में अचानक बाधाएं और कष्ट आ सकते हैं।
5. दिशाशूल: शनिवार के दिन पूर्व, उत्तर और ईशान दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए।
एक विशेष बात:
शनिवार केवल दंड का नहीं, बल्कि 'क्षमा' का भी दिन है। गुरुवार की तरह इस दिन भी अपने जाने-अनजाने किए गए अपराधों के लिए ईश्वर से क्षमा मांगनी चाहिए।