shradh paksha
✕

सावन माह में गुरु पुष्य नक्षत्र का योग, करें 3 उपाय, खरीदें 3 शुभ वस्तुएं

Written By WD Feature Desk
Updated: मंगलवार, 22 जुलाई 2025 (14:14 IST)
Guru Pushya Yoga date 2025: सावन का महीना वैसे भी भगवान शिव की कृपा पाने के लिए सबसे पवित्र माना जाता है और जब इस समयावधि में गुरु पुष्य नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बनता है, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। गुरु पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, और यह समृद्धि, ज्ञान और शुभता का प्रतीक है। यह दिन गुरु/ बृहस्पति और पुष्य नक्षत्र का अद्भुत मेल है, जो इस दिन को किसी भी शुभ कार्य, खरीदारी या उपाय के लिए अत्यंत शक्तिशाली बनाता है।ALSO READ: 12 ज्योतिर्लिंग में से सबसे खास ज्योतिर्लिंग कौन-सा है?
 
सावन में गुरु पुष्य नक्षत्र 2025 का योग: गुरु पुष्य योग का समय- Guru Pushya Yoga timing 2025
 
हिन्दू पंचांग कैलेंडर के अनुसार इस साल सावन माह में गुरु पुष्य नक्षत्र का संयोग 24 जुलाई 2025, गुरुवार को बन रहा है।
• पुष्य नक्षत्र प्रारंभ: 24 जुलाई 2025, गुरुवार, शाम 04:43 मिनट से
• पुष्य नक्षत्र समाप्त: 25 जुलाई 2025, शुक्रवार, सुबह 06:13 मिनट पर। 
 
इस शुभ योग में किए गए उपाय विशेष फलदायी होते हैं और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।

गुरु पुष्य नक्षत्र में करें ये खास लाभकारी 3 उपाय: Remedies in Guru Pushya Yoga
 
1. भगवान शिव और लक्ष्मी-नारायण की संयुक्त पूजा:
विधि: गुरु पुष्य नक्षत्र के दिन सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर भगवान शिव और माता लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की भी पूजा करें। शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, दूध, जल अर्पित करें। इसके बाद भगवान विष्णु को पीले पुष्प, तुलसी दल और पीला चंदन चढ़ाएं। माता लक्ष्मी को कमल का फूल और खीर का भोग लगाएं।
* लाभ: इस उपाय से कुंडली में गुरु और चंद्र दोनों मजबूत होते हैं। भगवान शिव की कृपा से कष्ट दूर होते हैं, जबकि लक्ष्मी-नारायण की कृपा से धन-धान्य और समृद्धि में वृद्धि होती है। यह व्यापार और करियर में तरक्की के लिए भी उत्तम है।
 
2. पीली वस्तुओं का दान और गुरु मंत्र का जाप:
विधि: गुरु पुष्य के दिन किसी गरीब ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को पीली वस्तुएं जैसे चना दाल, बेसन, हल्दी, पीले वस्त्र या केले का दान करें। साथ ही, गुरु ग्रह के मंत्र 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' का 108 बार या 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का जाप करें।
* लाभ: यह उपाय कुंडली में गुरु ग्रह को मजबूत करता है, जिससे ज्ञान, बुद्धि, मान-सम्मान और भाग्य में वृद्धि होती है। विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और संतान प्राप्ति के योग बनते हैं।ALSO READ: सावन शिवरात्रि पर करें ये अचूक उपाय, अड़चन होगी दूर, खुल जाएंगे विवाह के द्वार
 
3. स्फटिक शिवलिंग का अभिषेक:
विधि: यदि संभव हो, तो गुरु पुष्य नक्षत्र के दिन स्फटिक के शिवलिंग का घर पर ही पंचामृत से अभिषेक करें। स्फटिक को शुक्र और चंद्रमा से संबंधित माना जाता है, जबकि गुरु पुष्य का संबंध गुरु और चंद्रमा से है। यह संयोग बहुत शुभ होता है।
* लाभ: यह उपाय मानसिक शांति, धन-वैभव और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है। यह घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और सुख-शांति लाता है।
 
Best things to buy in Guru Pushya Yoga गुरु पुष्य नक्षत्र में खरीदें 3 शुभ वस्तुएं: गुरु पुष्य नक्षत्र को खरीदारी के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन खरीदी गई वस्तुएं लंबे समय तक लाभ देती हैं और उनमें वृद्धि होती है।
 
1. सोना या चांदी: सोना को बृहस्पति/ गुरु से संबंधित और चांदी को चंद्रमा से संबंधित माना जाता है। गुरु पुष्य नक्षत्र में सोना या चांदी खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। आप सोने के आभूषण, सिक्के, या चांदी के सिक्के/बर्तन खरीद सकते हैं।
लाभ: यह घर में धन-संपदा और समृद्धि लाता है, साथ ही निवेश के रूप में भी लाभदायक होता है।
 
2. हल्दी: हल्दी को गुरु ग्रह का कारक माना जाता है और यह शुभता का प्रतीक है। इस दिन साबुत गांठ वाली हल्दी खरीदना बहुत शुभ होता है।
लाभ: इसे घर में रखने से सुख-समृद्धि आती है और यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है। हल्दी खरीदने से कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति मजबूत होती है।
 
3. भूमि, भवन या वाहन: यदि आप कोई बड़ा निवेश करने की सोच रहे हैं, जैसे कि जमीन खरीदना, घर की नींव डालना या नया वाहन खरीदना, तो गुरु पुष्य नक्षत्र इसके लिए सबसे शुभ दिन है।
लाभ: इस दिन की गई खरीदारी स्थायी लाभ देती है और आपके जीवन में स्थिरता व वृद्धि लाती है।
 
सावन माह में गुरु पुष्य नक्षत्र का यह संयोग आपके जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य लाने वाला हो सकता है। इन उपायों और खरीदारी को श्रद्धापूर्वक करके आप इसका अधिकतम लाभ उठा सकते हैं।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: सावन की शिवरात्रि पर 10 खास बातें

लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल- 14 अक्‍टूबर, 2026

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 14 अक्‍टूबर 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

14 October Birthday: आपको 14 अक्‍टूबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

बुध का विशाखा नक्षत्र में गोचर, 6 राशियों के लिए नौकरी और कारोबार में तरक्की के योग, करें 3 उपाय

13 October Birthday: आपको 13 अक्‍टूबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

अगला लेख