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सावन मास की हरियाली अमावस्या को करते हैं 5 प्रमुख काम, मिलेगा शुभ फल

Written By WD Feature Desk
Updated: मंगलवार, 22 जुलाई 2025 (12:46 IST)
Hariyali Amavasya 2025: हिन्दू पंचांग कैलेंडर के अनुसार इस साल सावन मास की हरियाली अमावस्या 24 जुलाई 2025, दिन गुरुवार को मनाई जाएगी। इसी दिन गुरु पुष्य नक्षत्र का योग भी रहेगा। इसी दिन का खास महत्व माना गया है। इस दौरान प्रकृति में चारों ओर हरियाली छा चुकी होती है। 
 
1. वृक्षारोपण: इस दिन पौधों का रोपण करना बहुत ही शुभ माना गया है। मान्यतानुसार अमावस्या तिथि पर ज्यादा से ज्यादा पेड़-पौधे लगाने से भगवान शिव जी प्रसन्न होते हैं। पेड़-पौधों में विभिन्न देवी-देवताओं का वास होता है। इस कारण वृक्ष रोपण करने जहां ग्रह-नक्षत्र अनुकूल होते हैं, वहीं पितृदोष भी शांत हो जाता हैं। कुछ पेड़ ऐसे होते हैं जिन्हें लगाना काफी शुभ माना जाता है, उनसे हमें लक्ष्मी, धन-ऐश्वर्य और सौभाग्य, संतान, सेहत-आरोग्य, आनंद तथा सर्वसुखों की प्राप्ति होती है। हरियाली अमावस्या पर पीपल, बरगद, नीम, बहेड़ा, केल, अशोक, बांस, कदंब और शमी का पेड़ लगाना और उसकी पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
 
2. नांदी श्राद्ध: हरियाली अमावस्या पर नांदी श्राद्ध करने की परंपरा भी रही है। नांदीमुख श्राद्ध यह 'प्रेत श्राद्ध' नहीं होता, बल्कि यह शुभता के लिए किया जाने वाला श्राद्ध होता है। जब किसी की मृत्यु के बाद पहली बार श्राद्ध किया जाता है, तब भी यह नांदीमुख कहलाता है। देव उठनी एकादशी से विवाह आदि मंगल कार्य प्रारंभ होंगे। इसके पहले नांदीमुख श्राद्ध करने का विधान है। यह श्राद्ध मांगलिक कार्यों में विघ्न को दूर कर पितरों के आशीर्वाद के लिए किया जाता है। 
 
3. पितृ तर्पण और पिंडदान: हरियाली अमावस्या पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए एक बहुत ही शुभ और शक्तिशाली दिन माना जाता है। इसमें पितरों की शांति के लिए किए जाने वाले कर्म तर्पण, सपिंडक, पिंडदान आदि कर्म करने का एक विधान भी है। 
 
4. दान: हरियाली अमावस्या पर दीपदान, वस्त्रदान, अन्न दान, काले तिल दान, सफेद चीज का करें दान और शनि का दान करना बहुत ही शुभ माना गया है। पितरों की शांति और पितृ दोष से मुक्ति के लिए इस दिन गाय, कुत्ते और कौए को भोजन खिलाना चाहिए। रोटी, चावल या अन्य सात्विक भोजन इन्हें दें। इन जीवों को भोजन कराने से पितर प्रसन्न होते हैं, क्योंकि इन्हें पितरों का स्वरूप माना जाता है।
 
5. व्रत: इस दिन व्रत करने का भी बहुत महत्व बताया गया है। सभी तरह के रोग और शोक मिटाने हेतु विधिवत रूप से इस दिन व्रत रखा जाता है। इसके मिटने से जीवन में आ रही आर्थिक परेशानी दूर हो जाती है।
 

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