भारत : मूलांक तीन और नया वर्ष

मूलांक से जानिए कैसा रहेगा वर्ष 2012

Astrology 2012 in Hindi
Author पं. अशोक पँवार 'मयंक'|
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वर्ष 2012 का मूल अंक 12 को जोड़ने से तीन आता है। यही इस वर्ष का मूल अंक भी है, इसमें सन्‌ का जोड़ नहीं किया गया है। लेकिन यदि सारे अंकों को जोड़ा जाए तो 5 का अंक आता है। भारतीय स्वतंत्रता दिवस 14-08-1947 है। भारत की स्वतंत्रता दिनांक 14 है जो जोड़ने से 5 आती है।

संयुक्तांक 14-08-47 का जोड़ आया 24 और इसका जोड़ आया 6। इस प्रकार देखा जाए तो मूल अंक वर्षांक 3 से सम भाव रखता है वहीं संयुक्तांक 6 वर्षांक का शत्रु है।

यह वर्ष भारत के लिए मिला-जुला ही रहेगा। जहां भारत उन्नति की ओर अग्रसर होगा, वहीं आर्थिक मामलों के घोटाले भी उजागर होते रहेंगे। स्त्रियों के प्रति सम्मान में कमी रहेगी। नए-नए सेक्स कांड भी उजागर होंगे।
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गुरु की प्रखरता मई माह तक मेष में रहने से न्यायपालिका सख्त रहेगी। इसके बाद कुछ कमजोर नजर आने की संभावना है। ग्रह की माने तो गुरु का वृषभ राशि में प्रवेश 17 मई 2012 को होगा। गुरु शुक्र की राशि में होने से अर्थ प्रधान व्यक्तियों की भारी पड़ने की संभावना अधिक ही रहेगी। वहीं कालाबाजारी बढ़ने की भी संभावना अधिक रहेगी। गरीब और गरीब होगा वहीं अमीर ज्यादा अमीर होगा।
इस वर्ष गरीबी दूर करने की बात करने वाली सरकार भ्रष्टाचार में डूबी नजर आएगी, इससे जन-आक्रोश बढ़ेगा। वर्ष में शनि की उच्चता राजनीतिज्ञों को पथ-भ्रष्ट करेगी। वृषभ का केतु सरकार को मनमानी करने से रोकेगा नहीं, क्योंकि दूसरी पार्टियों में दृढ़ संकल्प का अभाव रहेगा।

मंगल साहस का प्रतीक है, लेकिन शनि की नीच दृष्टि मेष पर पड़ने से मंगल असहाय नजर आएगा। बड़े-बड़े सत्ताधीश अपना ही राग अलापते नजर आएंगे। इस वर्ष भारत में कोई बड़ी दुर्घटना के योग नहीं है। भारत की जनता का उबाल आना अभी संभव नहीं है।
गुरु का प्रभाव जनता को शांति बनाए रखने में सहायक होगा। भ्रष्टाचार के मामलों में सभी पार्टियां एक-सी नजर आएंगी। कोई भी सशक्त लोकपाल लाने के लिए एक-जुट नहीं होगा। सभी बचाव ढूंढते नजर आएंगे।



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