'फुल टाइम' मुख्यमंत्री होंगे उमर अब्दुल्ला

पीडीपी की सताई कांग्रेस ने बदला अपना फैसला

नई दिल्ली (वार्ता)| वार्ता| पुनः संशोधित शुक्रवार, 2 जनवरी 2009 (23:04 IST)
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पिछली सरकार के कटु अनुभवों तथा जम्मू-कश्मीर विधानसभा के जनादेश को देखते हुए ने राज्य में के साथ बनने जा रही साझा सरकार में बारी-बारी से मुख्यमंत्री बनाने के सिद्धांत को नहीं अपनाने का फैसला किया है।


जम्मू-कश्मीर की साझा सरकार की रूपरेखा तय करने के लिए दोनों दलों की शुक्रवार को यहाँ हुई बैठक में कांग्रेस ने साफ कर दिया कि वह बारी-बारी से मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में नहीं है और इस तरह अब उमर अब्दुल्ला पूरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री होंगे। कांग्रेस का उपमुख्यमंत्री होगा, जो जम्मू क्षेत्र का होगा।

अब्दुल्ला ने बताया राज्य में बारी-बारी से मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा। कांग्रेस ने साफ कर दिया कि तीन वर्ष बाद उसकी ओर से मुख्यमंत्री पद पर दावा नहीं किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि 2002 में कांग्रेस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की साझा सरकार बनाने के लिए हुए समझौते में तीन-तीन वर्ष के लिए दोनों दलों का मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति हुई थी, लेकिन तीन वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री को बदलने को लेकर दोनों दलों में कड़वाहट पैदा हो गई थी।

उमर अब्दुल्ला पाँच जनवरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ नेशनल कांफ्रेंस के दो तथा कांग्रेस के तीन मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार सोनिया गाँधी के शपथ ग्रहण समारोह में शरीक होने की पूरी संभावना है।



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