अजमल कसाब झूठा है-निकम

मुंबई| भाषा| पुनः संशोधित सोमवार, 22 नवंबर 2010 (20:24 IST)
महाराष्ट्र सरकार के वकील ने सोमवार को बंबई उच्च न्यायालय में बताया कि पाकिस्तानी आतंकवादी झूठा है और साजिशकर्ता है, जिसने 26/11 के मामले में साल भर चले मुकदमे के दौरान समय-समय पर कहानियाँ गढ़ीं।

निकम ने न्यायमूर्ति रंजना देसाई और न्यायमूर्ति आरवी मोरे से कहा कि कसाब ने जब नई कहानी गढ़ी तो वह खुद ही अपने जाल में फँस गया।

सरकारी वकील ने कहा कि जब निचली अदालत ने कसाब के समक्ष यह जानने के लिए साक्ष्य रखे थे कि उसे क्या कहना है तो उसने न्यायाधीश एमएल टाहिलियानी को बताया कि उसे आतंकी हमलों वाली 26/27 नवंबर 2008 की दरमियानी रात को गिरफ्तार नहीं किया गया था बल्कि पुलिस ने इससे काफी पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया था।
निकम का कहना था कि कसाब ने एक कहानी रचकर अदालत को यह बताने का प्रयास किया था कि वह हिंदी फिल्मों को देखने के लिए समझौता एक्सप्रेस के माध्यम से मुंबई आया था और पुलिस ने इसलिए उसे गिरफ्तार कर लिया क्योंकि उसके पास पाकिस्तानी पासपोर्ट था।

उन्होंने यह भी कहा कि कसाब ने यह बचाव इसलिए पेश किया ताकि यह प्रदर्शित हो सके कि वह आतंकी हमलों के समय पुलिस हिरासत में था। निकम के अनुसार लेटिन में इस तरह की कोशिश को ‘अलीबी’ कहा जाता है जिसमें यह दर्शाया जाता है कि अपराध के वक्त आरोपी किसी और जगह मौजूद था।
निकम की दलील थी कि सामान्य तौर पर आरोपी का दोष साबित करने का बोझ अभियोजन पक्ष पर होता है, लेकिन यदि उसने ‘अलीबी’ से बचाव का तरीका अपनाया है तो यह साबित करना उसकी जिम्मेदारी बन जाती है कि अपराध के वक्त वह मौके पर नहीं था। (भाषा)

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