भारतीय वीजा छोड़ने पर देना होगा शुल्क

भाषा|
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की नागरिकता स्वीकार करने के बाद भारत का वीजा जमा कराने पर लगाने के के निर्णय की भारतीय मूल के पेशेवरों ने आलोचना की है। भारतीय कानून के मुताबिक, भारतीय मूल के लोग जो विदेशी नागरिकता ग्रहण कर लेते हैं, उन्हें नागरिकता ग्रहण करने के फौरन बाद नजदीकी में अपना जमा कराना पड़ता है।

पासपोर्ट जमा कराने के साथ 102 पौंड का शुल्क भी देना पड़ता है जिसके बाद इस आशय का प्रमाणपत्र जारी किया जाता है कि पासपोर्ट दूतावास के हवाले कर दिया गया है। यह प्रमाणपत्र बड़े काम का होता है और भविष्य में वीजा और प्रवासी भारतीय कार्ड बनवाने के लिए अनिवार्य होता है।

एचएसएमपी फोरम के अमित कपाड़िया ने इस शुल्क को एक तरह का ‘जुर्माना’ बताया है जो भारत की नागरिकता छोड़ने पर भरना होता है। उन्होंने कहा, ‘विदेशी नागरिकता ग्रहण करने वाले भारतीय नागरिकों पर भारत सरकार बार-बार इस तरह का जुर्माना लगाने का प्रयास करती है और हम इससे चिंतित हैं।’
उन्होंने कहा कि भारत में जन्मे लोगों को ब्रिटेन की नागरिकता लेने पर 31 मई 2010 तक महज 14 पौंड शुल्क देना पड़ता था। लेकिन एक जून 2010 के बाद से इसके लिए 102 पौंड शुल्क चुकाना होगा। कपाड़िया की तरह भारतीय मूल के कई लोगों ने भारतीय उच्चायोग से इसकी शिकायत की है। (भाषा)



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