सफर करें पर सेहतमन्‍द

गर्मियों का मौसम है। छुट्टियाँ पूरी तरह अपने शबाब पर हैं। जाहिर है कि आप अपने बच्चों और परिवारजनों के साथ यात्रा पर निकलेंगे या निकलने वाले होंगे। लेकिन सफर पर निकलने से पहले कुछ जानका‍रियाँ आपको होना चाह‍िए जिससे आपका सफर हो जाए सेहतमन्‍द।

सभी सदस्यों के स्वास्थ्य की जाँच जरूर करा लें। बच्चों की परीक्षाएँ खत्म होने के बाद खानपान की लापरवाही के साथ बाहर घूमने की मौज शुरू हो जाती है। इससे बच्चे पेट रोगों तथा वायरल फीवर वगैरह से ग्रस्त हो सकते हैं।

यात्रा का तनाव घर के मुखिया का ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है। इसलिए ताकीद कर लें कि यात्रा शुरू करने से पहले सभी सदस्यों की आवश्यक दवाओं का अच्छा-खासा स्टॉक आपके पास मौजूद रहे। जरूरत समझें तो यात्रा का मेडिकल इंश्योरेंस भी करा सकते हैं।

यात्रा पर जाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आप या आपके परिवार के किसी सदस्य का लंबा इलाज चल रहा हो तो वह अपने अंतिम दौर में हो। उदाहरण के तौर पर आपके किसी बच्चे के दाँत में कोचर की फिलिंग हो रही हो या रूट कैनालिंग की जा रही हो तो वह पूरी हो जाए।


इसी तरह दूसरी बीमारियों के बारे में भी सुनिश्चित हो लें। इसकी वजह यह है कि दाँत का दर्द किसी को भी कहीं भी उत्पन्न हो सकता है। सफर के दौरान यदि बच्चा दाँत के दर्द के कारण रात भर रोता रहेगा तो आपकी छुट्टियाँ तबाह हो जाएँगी। अनजाने शहर में आप बच्चे का इलाज कराने में भी कतराएँगे।
दरअसल यदि आप पहाड़ों पर अपनी छुट्टियाँ बिताने जा रहे हैं तो आपके परिवार का हर सदस्य इतना फिट हो कि लंबी दूरियाँ पैदल तय कर सके। पहाड़ों पर ट्रेकिंग पर जाना हर बच्चे का ख्वाब होता है लेकिन उसके लिए आवश्यक फिटनेस भी होना जरूरी है। परिवार के हर सदस्य के पास जूते इतने आरामदेह हों कि पैदल चलने का मौका आए तो तकलीफ न हो।

सफर पर ले जाने के लिए फर्स्ट एड किट जरूर बना लें लेकिन याद रहे अनावश्यक दवाओं का बोझा साथ ले जाने की कोई तुक नहीं है।
फर्स्ट एड कि

* चिपकाने वाली मेडिकल पट्टियों के अलावा ड्रेसिंग का सामान
* कीड़े भगाने वाले रिपेलेंट (मॉस्कीटो एंड कॉकरोच)
* एंटीसेप्टिक क्रीम, पेयजल को शुद्ध रखने वाली गोलियाँ
* ग्लूकोज
* दस्त बंद होने की गोलियाँ * बदन दर्द या सिरदर्द की गोलियाँ अथवा मल्हम
* सनस्क्रीन और कैलामाइन लोश

परिवार के जिस भी सदस्य को लंबी बीमारी जैसे उच्च रक्तचाप अथवा डायबिटीज की गोलियाँ लगती हों उसका बड़ा स्टॉक साथ में रखना जरूरी है। मलेरिया की टेबलेट जरूरत पड़ने पर काम आ सकती है।

मेडिकल इंश्योरेंस एक ऐसी सुविधा है जिसका प्रीमियम भरते समय पीड़ा होती है लेकिन जरूरत पड़ने पर किसी फरिश्ते का वरदान साबित होती है। यदि परिवार के सदस्यों में से कोई हृदयरोगी है तो उसकी पूरी जाँच करवाने के बाद ही प्रवास पर साथ ले जाएँ।
कोशिश करें कि ऐसे रोगियों के साथ पहाड़ पर जाने का कार्यक्रम न बने। आमतौर पर लोगों को सूटकेस या भरा हुआ कंधे का बैग उठाने की आदत नहीं होती। प्रवास के दौरान कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है जब इस तरह का बोझ उठाना पड़ता है। इससे पूरे शरीर में खासतौर पर कंधों और घुटनों में दर्द होता है।

मांसपेशियाँ भी दर्द करती हैं। ऐसे में दर्द निवारक गोलियाँ कारगर साबित होती हैं। कभी भी ग्लूकोज लेना न भूलें। ग्लूकोज आपके शरीर में तत्काल ऊर्जा का संचार करता है।
- डॉ. अनिल कुमार भदौरिया, एमबीबीएस, एमपीटी (स्पोर्ट्स)
फिजियाट्रिस्ट एण्ड फिजिशियन एड्स के राज्य प्रशिक्षक तथा सेक्स शिक्षा पर पुस्तक प्रकाशनाधीन है।



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