इमरान खान : मेरे लिए कुछ अलग सोचें डायरेक्टर

इमरान खान
WD


फिर 2011 इमरान की पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ दोनों के लिए अच्छा रहा। शादी रचाने के साथ ही इस साल आई उनकी दोनों फिल्में भी हिट रहीं और इससे ज्यादा की इमरान को ख्वाहिश भी नहीं थी। दरअसल 'डेल्ही बेली' और 'मेरे ब्रदर की दुल्हन' के बॉक्स ऑफिस पर हिट होने से वे एक बार फिर चल पड़े हैं। अब जल्द ही वे शकुन बत्रा निर्देशित 'एक मैं और एक तू' में नजर आएंगे और विशाल भारद्वाज के साथ 'मातरु की बिजली का मनडोला' की शूटिंग भी उन्होंने शुरू कर दी है।


'डेल्ही बेली' को छोड़कर इमरान को अब तक रोमांटिक कॉमेडिज में ही ज्यादा पसंद किया गया है। इस पर वे मुस्कराते हुए कहते हैं कि 'वैसे मैं अभी 28 का हूं, लेकिन शेव करने के बाद महज 24-25 का नजर आता हूं। दरअसल मेरी उम्र और लुक के हिसाब से ही निर्देशक मुझे रोल ऑफर करते हैं। अब यह तो निर्देशकों को चाहिए कि वे मेरे लिए कुछ अलग सोचें।'

इमरान का मानना है कि एक्टर से काम कराने के लिए निर्देशक के पास विजन होना चाहिए। यह तो निर्देशकों को चाहिए कि वे एक्टर से जैसा चाहें वैसा काम कराएं और इसके लिए वे 'डेल्ही बेली' और 'मातरु की बिजली का मनडोला' का उदाहरण देते हैं, क्योंकि उन्होंने कभी नहीं सोचा कि वे कभी इन फिल्मों में निभाए अपने किरदारों के जैसा भी कुछ करने की क्षमता रखते हैं।

इमरान के साथ ही रणबीर कपूर, प्रतीक बब्बर, रनवीर सिंह ने भी अपना करियर शुरू किया था और एक तरह से वे उनके प्रतिद्वंद्वी हैं, किंतु इमरान कहते हैं कि मैं यहां किसी को अपना प्रतिद्वंद्वी नहीं मानता हूं, क्योंकि मुझे नहीं लगता कि किसी और का मेरे काम पर असर पड़ेगा।


गए साल फिल्मों के अलावा इमरान की शादी भी चर्चा का विषय रही, क्योंकि अवन्तिका और इमरान काफी समय से एक-दूसरे के साथ थे तो सभी उनकी शादी को लेकर तरह-तरह के कयास लगा रहे थे। आखिरकार 2011 में उन्होंने शादी कर लोगों के कयास को विराम दिया।

वैसे इमरान शादी के बाद उनके और अवन्तिका के रिश्ते में कोई खास बदलाव महसूस नहीं करते। वे कहते हैं कि शादी रिश्ते को महज एक पहचान दिलाने का जरिया है। उनकी नजरों में शादी महज एक औपचारिकता है।

इमरान का सोचना है कि दरअसल रिश्ते तो वैसे होते हैं जैसा आप उन्हें बनाते हैं। शादी होने के बावजूद कई पाटर्नर एक-दूसरे को धोखा देते हैं, वहीं शादी न होने पर भी दो लोगों का रिश्ता बहुत गहरा हो सकता है। अतः रिश्ते तो विश्वास, ईमानदारी और आपसी समझ पर टिके होते हैं और इनसे ही मजबूत बनते हैं।

ND|
'वैसे मैं अभी 28 का हूं, लेकिन शेव करने के बाद महज 24-25 का नजर आता हूं। दरअसल मेरी उम्र और लुक के हिसाब से ही निर्देशक मुझे रोल ऑफर करते हैं। अब यह तो निर्देशकों को चाहिए कि वे मेरे लिए कुछ अलग सोचें।' ये परफेक्शनिस्ट मामू (आमिर खान) के भानजे हैं, लेकिन अभिनय के मामले में अभी कुछ अधूरे-से हैं। सिर पर मामू का वरदहस्त और किस्मत का साथ है, सो उनका करियर रफ्ता-रफ्ता रफ्तार पकड़ रहा है। में 'खानों' की नई पीढ़ी के खान, ने 'जाने तू या जाने ना' से अपनी अच्छी शुरुआत की, किंतु फिर उनकी लगातार चार फिल्में 'किडनेप', 'लक', 'आई हेट लव स्टोरीज' और 'ब्रेक के बाद' फ्लॉप रहीं।

2012 की शुरुआत इमरान के लिए अच्छी रही है। उन्होंने अपनी मनपसंद फरारी कार खरीदी है। इसे खरीदने का सपना वे 11 साल के थे, तब से देख रहे थे। अब फरारी तो आ गई, यदि इस साल उनकी 'एक मैं और एक तू' भी हिट हो जाती है तो 2012 में उनकी पौ बारह हो जाएगी।

- कृतिका रामेश्वर




और भी पढ़ें :