sundarkand

महिलाओं के लिए यह अच्छी बातें बोली हैं इन खास लोगों ने...

Updated: बुधवार, 6 मार्च 2019 (15:31 IST)
महिला दिवस विशेष : अनमोल वचन  
 
प्राचीन काल से ही नारी को नारायणी का दर्जा प्राप्त है परंतु समय के साथ-साथ उसके सम्मान स्थि‍ति और उससे जुड़ी परिस्थि‍तियों में कई परिवर्तन भी आए। महान व्यक्तित्वों द्वारा नारी को लेकर कहे गए सुविचार आज भी उतने ही सम्मान के साथ अस्तित्व में है। जानि‍ए महिलाओं के बारे में किसने क्या कहा - 
 
1.मैं किसी समुदाय की प्रगति, उस समुदाय में महिलाओं द्वारा की गई प्रगति से मापता हूं।  
 
बाबा साहेब अंबेडकर 
 
2.कुछ सच्ची, ईमानदार और ऊर्जावान महिलाएं, जितना कोई भीड़ एक सदी में कर सकती है उसके मुकाबले 1 वर्ष में कर सकती हैं।  
 
स्वामी विवेकानंद 
 
3.‘एक आदमी को पढ़ाओगे तो एक व्यक्ति शिक्षित होगा। एक स्त्री को पढ़ाओगे तो पूरा परिवार शिक्षित होगा। 
 
महात्मा गांधी  
 
4. एक रानी की तरह सोचिए, रानी असफलता से नहीं डरती क्योंकि वह सफलता की एक सीढ़ी है।  
 
ओपेरा विनफ्रे 
 
5. हर चीज से बढ़कर अपने जीवन की नायिका बनिए शि‍कार नहीं।  
 
नोरा एफ्रेन 
 
6. महिलाएं समाज की सच्ची शिल्पकार होती हैं।  
 
चेर 
 
7. पुरुष अपना भाग्य नियंत्रित नहीं करते। उसके जीवन में मौजूद औरत अपने गुणों से उसके लिए भाग्य निर्माण करती है।  
 
मार्क्स
 
8. हम प्राचीन भारत की नारियों को आदर्श मानकर ही नारी का उत्थान और सशक्तीकरण कर सकते हैं।
 
स्वामी विवेकानंद 
 
9. नारी ही परिवार और समाज की केन्द्र-बिन्दु है।
 
स्वामी विवेकानंद 

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक मंच पर बढ़ायी भारत की प्रतिष्ठा और मान-सम्मान

नया भारत, नई उड़ान: मोदी युग में आत्मविश्वास का नया शिखर

17 सितंबर जन्मदिन पर विशेष: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में 25 दिलचस्प बातें

भारत के राष्ट्र-निर्माता और इंजीनियरिंग के मसीहा: सर एम. विश्वेश्वरैया

हिंदी दिवस विशेष: जानिए कैसे हिंदी राष्ट्रभाषा के गौरव से वंचित रह गई?

अगला लेख