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corona in India : यह मेरी तुम्हारी नहीं हम सबकी जंग है...

शनिवार,अप्रैल 4, 2020
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भी जब मैं बगीचे के लान में बैठी यह पंक्तियां लिख रही हूं और मानव चलित गाड़ियां और लाउडस्पीकरों से ध्वनि प्रदूषण नगण्य है। मैं कम से कम 10-15 तरह के पक्षियों के कलरव से प्रसन्न और रोमांचित हो रही हूं।
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हम आपको बता रहे है कुछ ऐसे नायाब तरीके, जो न केवल आपकी कार को नए जैसा बना देंगे, बल्कि इस काम में आपकी जेब भी हल्की नहीं होगी।
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कोरोना के कहर से चल रहे लॉकडाउन ने कई बातें सोचने पर मजबूर कर दिया है..। जिनमें से एक है मानवता की सेवा...समाज की सेवा...मुझे भी लगा कि मैं किसी ज़रूरतमंद के काम आ सकूं..
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मुझे लगता है ये वो दिन हैं जब आप अपने जीवनसाथी के साथ बहुत खुबसूरत समय बिता सकते हैं..। अपने लिए तो हम हमेशा समय चुरा लेते हैं.... अपने परिवार के बाकी सदस्यों के साथ भी हमारा समय व्यतीत होता है..। लेकिन साथी के साथ ये पल दुबारा नही मिलेंगे..( और ...
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मेरे साथ 2.4 लाख घोषित (यूं तो ना जाने कितनी?) न्याय का इंतजार करते ऐसे मामलों की कई निर्भयाओं की आत्मा भी अभी अपने देश में तड़प रहीं हैं, गुहार लगा रहीं हैं और न जाने कितनी उम्र,जाति,धर्म संस्कारों के बोझ से तो मर ही गईं हैं और कईयों की आवाज ही दबा ...
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घर के बाहर की क्यारी में मेरे बचपन की हसरत को पूरा करने के लिए मैंने कनेर का पेड़ लगा रखा है। जिंदगी हमेशा वहीं लौटना चाहती है, जहां दुबारा जाना मुमकिन नहीं होता। बचपन, मासूमियत, पुराना घर, पुराने दोस्त, पुरानी हसरतें, पुरानी यादें। उनमें से ही एक है ...
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कोरोना, कोरोना और बस कोरोना... फिलहाल हर जगह, हर कोने, हर देश से एक ही आवाज आ रही है... इन दिनों कई ऑफिस , कंपनी, स्कूल और संस्थाओं में work @ home का आदेश लागू है। ऐसे में सोचना यह है कि अचानक मिले इस समय को सेहत, सुरक्षा और सावधानी के साथ और कहां ...
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आज इंदौर के अखबारों में दसवीं के तीन छात्रों के एक्सीडेंट की खबर प्रमुखता से छपी है। उनमें से एक बच्चे का जन्मदिन था। तीनों में एक की मौत, एक कोमा में और एक दहशत में है।
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को है। विभिन्न क्षेत्र के प्रबुद्ध जन से पूछा गया कि यह दिवस मनाया जाना चाहिए या नहीं? आखिर क्या है इस दिन की महत्ता? हमें मिले ज्वलंत और जागरूक जवाब। पेश है आपके लिए :
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टी.वी. सीरियलों के माध्यम से अपनी बहन, बेटियों, भाभियों यहां तक कि मांओं को भी अश्लील व न के बराबर कपड़ों में, सिगरेट के धुएं के छल्ले बनाते या शराब का गिलास हाथ में थामे लड़खड़ाते, कभी किसी तो कभी किसी पुरुष की बांहों में झूमते देख भला किस भारतीय को ...
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जो महिलाएं नौकरी नहीं करती हैं उन्हें विशेष प्रयास कर पेशेवर क्षमताओं को हासिल करना होगा ताकि वे स्वरोजगार प्राप्त कर सकें। उन्हें कारोबार करना सीखना होगा और इस बात का पता लगाना होगा कि यह काम उन्हें कहां मिल सकता है यह सब उन्हें खुद करना होगा और ...
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कैसे भूल जाएं कि इसी देश में आग के हवाले कर दी गई थी एक पशु चिकित्सक, कैसे भूल जाएं निर्भया के वकील की बेशर्म दलीलें, कैसे भूल जाएं उसके बाद भी लगातार रेप की घटनाओं का सामने आना .. और कानून की आड़ में अपराधियों का बच निकलना....
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जिस व्यक्ति और जिन बातों से आपको जलन हो रही है उन्हें प्राप्त करने के लिए खुशी-खुशी प्रयत्न करें। उन उपायों को खोजें जिनसे आप में निहित कमियां दूर हो सकती हैं। किसी बात को मन में रखकर मनगढ़ंत बातें सोचने से बेहतर है खुलकर बात कर ली जाए ताकि रिश्‍ते ...
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काले कांड के दोजख को जिसने जीते जी भुगता उसका नाम ‘निर्भया’ कर देने से कोई देश की बेटियां निर्भय नहीं हो गईं। जबकि पापभागी हैवानियत से भरे दरिंदों को आप लगातार ‘अभयदान’ दिए जा रहे हो। सारी दुनिया थूक रही है हम पर, हमारी मातृशक्ति के प्रति कृतघ्नता ...
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होली का इंतजार सभी को बेसब्री से होता है और हो भी क्यों न, क्योंकि होली का त्योहार जीवन में ढेर सारी खुशियां लेकर आता है। इस त्योहार पर हर कोई रंगों की मस्ती में डूबा हुआ नजर आता है। लेकिन रंगों की यह मस्ती तब चुनौती बन जाती है, जब इसे घर के फ्लोर ...
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हर साल 8 मार्च को महिला दिवस मनाया जाता है। मैं कहती हूं कि विश्वभर को महिला दिवस मनाने की आवश्यकता ही नहीं है। ऐसा नहीं है कि हमारे देश में देवी की पूजा नहीं होती है।
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पर्व कोई भी हो, इसे मनाने के पीछे कोई न कोई कारण जुड़ा होता है और उन्हीं बातों को याद करते हुए उनसे कुछ सीख लेने के लिए हम त्योहारों को उमंग-उत्साह से मनाते हैं।
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जिदंगी की आपाधापी में हम खुद को खुश रखना ही भूल गए हैं। इस साल कुछ ऐसे काम करें, जिससे खुद को खुशी मिले। जानते हैं ऐसे 10 काम जो इस साल करने से आपको मिल सकती हैं खुशियां।
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बदलते दौर में हम लगातार ऐसी चीजों से दूर होते जा रहे हैं जो जीवन में ऊर्जा की तरह काम तरह काम करती है। इसके उलट हम ऐसी चीजों में उलझ गए हैं, जिसमें हमारी ऊर्जा खत्‍म ही हो रही है। तो इस साल कुछ ऐसी चीजों को अपना दोस्‍त बनाएं जिससे हम खुद को प्रकृति ...
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