west bengal elections : कृष्णानगर में बोले PM मोदी, हार देख हिंसा के ‘पुराने खेल’ पर उतर आई हैं ममता बनर्जी

पुनः संशोधित शनिवार, 10 अप्रैल 2021 (18:36 IST)
कृष्णानगर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) और राज्य की सत्ताधारी पर हिंसा के ‘पुराने खेल’ पर उतर आने का आरोप लगाया और कहा कि लोकतंत्र के उत्सव में भी वह माताओं-बहनों के आंसूओं की वजह बन रही हैं।

यहां एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी ने जिस अल्पसंख्यक समाज को ‘बहलाया-फुसलाया’ वहीं आज भ्रष्टाचार और बेकारी से परेशान है और औरतों के साथ अपराध होते रहे, लेकिन वे तीन तलाक का विरोध करती रहीं।
उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता ममता सरकार से त्रस्त हो चुकी है और विधानसभा चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज दीदी चुनाव आयोग को गाली दे रही हैं, आज दीदी केंद्रीय वाहिनी को गाली दे रही हैं, आज दीदी ईवीएम को गाली दे रही हैं। हालत तो यह है दीदी आज अपनी पार्टी के पोलिंग एजेंट को भी गाली दे रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दीदी के साथी अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को गाली दे रहे हैं। दीदी इतनी हताश हो चुकी हैं कि बंगाल के मतदाताओं को ही ‘बदनाम’कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव में हार निश्चित देख दीदी अपने पुराने खेल पर उतर आई हैं। बंगाल में दीदी और टीएमसी द्वारा हिंसा की कोशिश की जा रही है। संवेदनशीलता की उम्मीद आपसे सब छोड़ चुके हैं। लोकतंत्र के उत्सव में भी आप माताओं-बहनों के आंसू गिरने की वजह बन रही हैं।

मोदी ने कहा कि जो केंद्रीय बल पूरे देश में निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराता है, उसे भी ममता बनर्जी नहीं बख्श रही हैं। उन्होंने कहा कि ‘दीदी ये समस्या आपकी हिंसक राजनीति की है...ये समस्या छप्पा वोट रुकने पर आपकी बौखलाहट की है...समस्या आपकी भड़काऊ बयानबाजी की है।

उन्होंने ममता बनर्जी को याद दिलाया कि यह 2021 का बंगाल है और कहा कि अब आपको लोकतंत्र से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने दावा किया कि मुख्यमंत्री बंगाल के लोगों को जितना डराने और उनमें भय फैलाने की कोशिश कर रही हैं, उतने ही अधिक लोग उन्हें हराने के लिए एकजुट हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज बंगाल का नौजवान आपको हरा रहा है, आज बंगाल की महिलाएं आपको हरा रही हैं, आज बंगाल का गरीब और मध्यमवर्ग आपको हरा रहा है।

प्रधानमंत्री ने दावा किया कि बंगाल का चुनाव सिर्फ भाजपा नहीं लड़ रही है, बल्कि राज्य की जनता ममता बनर्जी को हराने के लिए 10 कदम आगे बढ़कर लड़ रही है।

उन्होंने कहा कि दीदी, आप भाजपा को हराने की तो कोशिश कर सकती हैं, लेकिन बंगाल की जनता को कैसे हराएंगी? आप सात जन्मों में भी बंगाल की जनता को नहीं हरा सकतीं।

अल्पसंख्यक युवाओं में बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘दीदी की सरकार’ में उन्हें बेकारी, लाठियों और अपमान के सिवाय कुछ नहीं मिला।
अल्पसंख्यक मतदाताओं की ममता की अपील का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिस अल्पसंख्यक समाज को दीदी ने बहलाया-फुसलाया, आज वही कटमनी और सिंडिकेट से परेशान है और बेकारी से निराश है। बहन-बेटियों के साथ जघन्य अपराध होते रहे, दीदी चुप रहीं।

तीन तलाक की प्रथा खत्म करने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन मुस्लिम बहनों व बेटियों ने दीदी को इतना प्यार दिया, उनके साथ तो दीदी ने बहुत ही बुरा किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने तीन तलाक की प्रताड़ना से मुक्त करने के लिए सख्त कानून बनाया, लेकिन दीदी मुस्लिम बहनों के ही विरोध में खड़ी हो गईं। ये बहन-बेटियां भी आजादी चाहती हैं। लेकिन दीदी ने उनसे ज्यादा कट्टरपंथियों की चिंता की वोट बैंक की चिंता की।

प्रधानमंत्री ने दावा किया कि केंद्र सरकार की मुद्रा योजना के तहत बिना बैंक गारंटी नौजवानों को, महिलाओं को ऋण दिए गए और पांच-छह वर्षों में रोजगार के करोड़ों नए अवसर बने। उन्होंने कहा कि बंगाल की भी अनेक बहनों को इसका लाभ हुआ है। उन्होंने दावा किया कि शिल्प, व्यापार, नौकरी और निवेश तृणमूल कांग्रेस सरकार की प्राथमिकता में ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि
‘दीदी की टीएमसी सिर्फ तोलाबाजी में एक्सपर्ट है। दीदी की टीएमसी कटमनी-सिंडिकेट में एक्सपर्ट है। दीदी की टीएमसी भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या में एक्सपर्ट है। दीदी की टीएमसी छप्पा वोट में एक्सपर्ट है।’

प्रधानमंत्री ने यह भी दावा किया कि बिचौलियों और कोल्ड स्टोरेज के सिंडिकेट ने राज्य के किसानों को बहुत परेशान किया है और राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही इनकी कमर तोड़ी जाएगी। ममता बनर्जी के बनारस से चुनाव लड़ने का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे भी मुख्यमंत्री का एक खेल करार दिया।
उन्होंने दावा किया कि दीदी इस बार अपने लिए नहीं, भाइपों (ममता बनर्जी के भतीजे, अभिषेक बनर्जी) के लिए सपने देखकर बड़ी-बड़ी व्यूह रचना बना रही है लेकिन बंगाल की जनता यह मामला समझ गई और दीदी को पहले चरण से ही धूल चटाना शुरू कर दिया।
हार तय देखकर दीदी ने बाहर की राजनीति करने का फैसला कर लिया। बनारस वाली बात ऐसे ही नहीं उछाली गई है। यानी, चुनाव के बाद दीदी की एग्जिट होगी और टीएमसी पर अब भाईपो नया खेल खेलने का दांव लगाएगा। यह भी एक खेला है, जो बंगाल के लोगों को समझना होगा।

उन्होंने कहा कि इसलिए बंगाल के लोगों ने तय कर लिया है बंगाल से हिंसा, सिंडिकेट, कटमनी, तोलाबाजी के साथ ही तृणमूल कांग्रेस का खेल समाप्त होगा।



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