बंगाल में ममता ने लगाई जीत की हैट्रिक, नंदीग्राम में हार पर कहा- गड़बड़ी के खिलाफ कोर्ट जाऊंगी

Last Updated: सोमवार, 3 मई 2021 (01:07 IST)
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की शानदार जीत को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को सांप्रदायिक सौहार्द को बचाए रखने की अपनी लड़ाई की जीत बताई। अपनी पार्टी को राज्य में भारी जीत दिलाने वाली ममता बनर्जी को हालांकि खुद सीट पर हार का मुंह देखना पड़ा। हालांकि आधिकारिक नतीजे आने से पहले घंटों तक भ्रम की स्थिति रही क्योंकि मीडिया के एक धड़े में अधिकारी पर ममता की जीत की खबर चलने लगी थी। पहले खबर आई कि उन्होंने शुभेंदु अधिकारी को 1200 वोट से हरा दिया है।
निर्वाचन आयोग ने बताया कि नंदीग्राम सीट से शुभेंदु अधिकारी 1,956 मतों से विजयी हुए हैं। आयोग ने पुष्टि की है कि अधिकारी को 1,10,764 मत मिले जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी बनर्जी के पक्ष में 1,08,808 मत पड़े। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के मुताबिक 6227 मतों के साथ माकपा की मीनाक्षी मुखर्जी तीसरे स्थान पर रहीं।



सीट पर परिणाम की घोषणा से पहले ही बनर्जी ने शाम को कहा था कि वे जनादेश का स्वागत करेंगी। उन्होंने कहा कि लेकिन मुझे लगता है कि मेरी जीत की खबर आने के बाद कुछ गड़बड़ी हुई है। इसके बाद सुनने में आया कि परिणाम बदल गया। मैं इस मुद्दे पर अदालत जाऊंगी। नंदीग्राम में स्थिति को लेकर बनर्जी कुछ निराश हैं। सिर्फ नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ रही बनर्जी ने कहा कि उन्होंने अपनी परंपरागत सीट भवानीपुर से चुनाव न लड़कर नंदीग्राम से चुनाव लड़ा था, क्योंकि यहीं से उन्होंने कृषि भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम के लोगों को तय करने दें। उनका जो भी जनादेश होगा, मुझे स्वीकार्य होगा। लेकिन हमारी (तृणमूल कांग्रेस) जीत शानदार है और इसके लिए राज्य की महिलाओं, युवाओं, अल्पसंख्यकों ने वोट दिया है।

टीएमसी ने की दोबारा मतगणना की मांग : तृणमूल कांग्रेस ने नंदीग्राम सीट पर पुन: मतगणना की मांग करते हुए मतों की गिनती में कई अनियमितताओं का आरोप लगाया है। इस सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव लड़ा है। सूत्रों के अनुसार टीएमसी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर उनसे दोबारा मतगणना का अनुरोध किया है।

पार्टी ने ईवीएम से छेड़छाड़ और कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि समय-समय पर मतगणना की प्रक्रिया रोकी गई और निर्वाचन आयोग को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। पार्टी ने पत्र में आरोप लगाया कि बनर्जी के पक्ष में पड़े वैध मतों को रद्द कर दिया गया जबकि भाजपा के पक्ष में डाले गए अवैध मतों की गणना की गई। टीएमसी ने दोबारा मतगणना करवाने से इंकार के निर्वाचन अधिकारी के निर्णय को 'कानूनी रूप से गलत और पक्षपाती' बताया। एक अधिकारी ने कहा कि हम मामले को देख रहे हैं। जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा।
शुभेंदु अधिकारी ने ट्वीट कर नंदीग्राम के लोगों का आभार प्रकट किया। अधिकारी ने लिखा कि प्यार, विश्वास, आशीर्वाद और समर्थन प्रदान करने तथा मुझे अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए नंदीग्राम की जनता का आभार। मैं उनकी सेवा करने और उनके कल्याण के लिए काम करते रहने का वादा करता हूं। मैं आपका आभारी हूं। (इनपुट भाषा)



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