Hanuman Chalisa

Vat Savitri Purnima Puja Samagri: अखंड सौभाग्य के लिए बरगद पूजा में बेहद जरूरी हैं ये चीजें, देखें फुल चेकलिस्ट

Updated: शुक्रवार, 26 जून 2026 (10:40 IST)
Vat Savitri Purnima 2026: ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन शादीशुदा महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन वट पूर्णिमा (वट सावित्री) का व्रत रखकर महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। मान्यताओं के अनुसार, बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर ही सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस मांग लिए थे।ALSO READ: Vat Savitri Vrat 2026: ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा का क्या है महत्व, पढ़िए पौराणिक कथा
 
इस महापर्व की पूजा तभी पूरी मानी जाती है, जब आपकी थाली में हर जरूरी चीज मौजूद हो। पूजा के दिन ऐन वक्त पर कोई हड़बड़ी न हो, इसलिए हम आपके लिए लेकर आए हैं जरूरी पूजन सामग्रियों की पूरी चेकलिस्ट।
 

वट सावित्री पूर्णिमा: पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट

अपनी थाली सजाने से पहले इन चीजों को एक बार जरूर चेक कर लें:
 

मुख्य तस्वीरें और पात्र:

1. सावित्री-सत्यवान की मूर्ति या सुंदर तस्वीर
2. दो बांस की टोकरी
3. स्टील या कांसे की साफ थाली
 

सुहाग और वस्त्र:

4. सुहाग का पूरा सामान (चूड़ी, बिंदी, आदि)
5. लाल कलावा (रक्षासूत्र)
6. लाल कपड़ा और 1.25 मीटर का अलग से वस्त्र
7. सिंदूर और रोली (कुमकुम)
 

पेड़ की परिक्रमा और विशेष सामग्री:

8. बांस का पंखा (सत्यवान को हवा झलने के प्रतीक के रूप में)
9. कच्चा सूत (बरगद के पेड़ पर लपेटने के लिए)
10. जल से भरा एक सुंदर कलश
11. भीगा हुआ चना (व्रत खोलने और पूजा के लिए बेहद जरूरी)
 

फल, फूल और नैवेद्य (प्रसाद):

12. बरगद का फल
13. ताजे फल (विशेषकर आम, लीची और मौसमी फल)
14. घर में बना पकवान और शुद्ध घी की पूड़ियाँ
15. मिठाई और बताशे
16. ताजा फूल और दूर्वा घास
17. पान के पत्ते और साबुत सुपारी
18. पानी वाला नारियल
 

पूजा-आरती का सामान:

19. मिट्टी का दीपक और शुद्ध घी
20. धूपबत्ती और इत्र (खुशबू के लिए)
21. अक्षत (बिना टूटे हुए चावल)
22. नकद रुपए (दक्षिणा के लिए)
 
खास टिप: पूजा से एक दिन पहले ही इन सभी सामग्रियों को एक जगह इकट्ठा करके रख लें। बांस के पंखे और भीगे चने का इस पूजा में सबसे विशेष महत्व होता है, इसलिए इन्हें भूलना बिल्कुल न भूलें। आपकी पूजा मंगलमय हो!
 
वट सावित्री पूर्णिमा की पूजा केवल एक परंपरा नहीं बल्कि श्रद्धा और सुहाग के अटूट बंधन का प्रतीक है। सही सामग्री के साथ की गई पूजा अधिक फलदायी मानी जाती है और इससे वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Vat Savitri Purnima 2026: सुहागिनें नोट कर लें तारीख और शुभ मुहूर्त, इस दिन बरगद पूजा से मिलेगा अखंड सौभाग्य का वरदान!
 

लेखक के बारे में
वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम
पौराणिक कथा, इतिहास, धर्म और दर्शन के जानकार, अनुभवी ज्योतिष, लेखक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 29 अगस्‍त 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

28 August Birthday: आपको 28 अगस्त, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (28 अगस्‍त, 2026)

सिंह राशि में बुधादित्य योग से 5 राशियों का चमकेगा भाग्य, खुलेंगे सफलता के द्वार

सितंबर माह 2026: इस माह के प्रमुख व्रत और त्योहारों की पूरी लिस्ट

अगला लेख