biodatamaker
✕

वसंत पंचमी की पौराणिक कथा : जब दिव्य सुंदरी प्रकट हुईं मां सरस्वती के रूप में

Updated: मंगलवार, 28 जनवरी 2020 (12:51 IST)
वसंत को ऋतुओं का राजा कहा जाता है। इस ऋतु में मौसम खूबसूरत हो जाता है। फूल, पत्ते, आकाश, धरती सब पर बहार आ जाती है। सारे पुराने पत्ते झड़ जाते हैं और नए फूल आने लगते हैं। प्रकृति के इस अनोखे दृश्य को देख हर व्यक्ति का मन मोह जाता है। मौसम के इस सुहावने मौके को उत्सव की तरह मनाया जाता है। वसंत पंचमी को श्री पंचमी तथा ज्ञान पंचमी भी कहते हैं। 
 
आइए जानते हैं मां सरस्वती के अवतरण की कथा 
 
सृष्टि की रचना का कार्य जब भगवान विष्णु ने ब्रह्मा जी को दिया तब खुश नहीं थे। सृष्टि निर्माण के बाद उदासी से भरा वातावरण देख वे विष्णु जी के पास गए और सुझाव मांगा। फिर विष्णु जी के मार्गदर्शन अनुसार उन्होंने अपने कमंडल से जल लेकर धरती पर छिड़का। तब एक चतुर्भुज सुंदरी हुई, जिसने जीवों को वाणी प्रदान की। यह देवी विद्या, बुद्धि और संगीत की देवी थीं, उनके आने से सारा वातावरण संगीतमय और सरस हो उठा इसलिए उन्हें सरस्वती देवी कहा गया। 
 
इसलिए इस दिन सरस्वती देवी का जन्म बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है और इनकी पूजा भी की जाती है। इस दिन लोग अपने घरों में सरस्वती यंत्र स्थापित करते हैं। इस दिन 108 बार सरस्वती मंत्र के जाप करने से अनेक फायदे होते हैं। इस दिन बच्चों की जुबान पर केसर रख कर नीचे दिए गए मंत्र का उच्चारण कराया जाता है...इससे वाणी, बुद्धि और विवेक का शुभ आशीष मिलता है।  
 
 मंत्र-‘ॐ ऐं महासरस्वत्यै नमः’
 
वसंत ऋतु के बारे में ऋग्वेद में भी उल्लेख मिलता है। प्रणो देवी सरस्वती वाजेभिर्वजिनीवती धीनामणित्रयवतु। इसका अर्थ है सरस्वती परम् चेतना हैं। वे हमारी बुद्धि, समृद्धि तथा मनोभावों की सुरक्षा करती हैं... भगवान श्री कृष्ण ने गीता में वसंत को अपनी विभूति माना है और कहा है ‘ऋतुनां कुसुमाकरः’

Show comments

सभी देखें

अंक भविष्यफल 2027 : मूलांक 1 वालों के लिए कैसा रहेगा नया साल? जानें करियर, धन और रिश्तों का हाल

धनतेरस पर क्या खरीदना माना जाता है शुभ? जानें 8 चीजों का धार्मिक महत्व

01 नवंबर को महासंयोग: दिवाली से पहले रवि पुष्य योग, जानें खरीदारी का शुभ मुहूर्त और क्या खरीदना दिलाएगा धन-समृद्धि?

शुक्र का स्वयं की राशि में उदय, इन 7 राशियों को मिलेगा माता लक्ष्मी का आशीर्वाद, हो जाएंगे मालामाल

धनतेरस पर आखिर क्यों खरीदी जाती है झाड़ू? जानिए धार्मिक महत्व

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 30 अक्‍टूबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

धनतेरस पर क्यों होती है भगवान धन्वंतरि की पूजा? जानिए समुद्र मंथन की कथा

जगन्नाथ मंदिर के बाना में रहस्यमयी गांठ, क्या अर्नब तूफान से बच गया ओडिशा!

करवा चौथ पर चांद दिखने के बाद क्या करें? जानें पूजा और व्रत खोलने की विधि

करवा चौथ का चांद कितने बजे निकलेगा? दिल्ली, भोपाल, इंदौर समेत देखें सभी शहरों का समय

अगला लेख