योगी सरकार ने पेश किया 5.50 लाख करोड़ का बजट, समावेशी विकास पर जोर

Last Updated: सोमवार, 22 फ़रवरी 2021 (15:24 IST)
लखनऊ। उत्तरप्रदेश की सरकार ने सोमवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए राज्य विधानसभा में 5,50,270.78 करोड़ रुपए का पेश किया। वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने टैबलेट के जरिए 5,50,270.78 करोड़ रुपए का बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस बजट का आकार पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 37,410 करोड़ रुपए ज्यादा है।
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प्रदेश के पहले 'पेपरलेस' बजट के तहत सभी सदस्यों को भी टैबलेट पर बजट दस्तावेज उपलब्ध कराया गया। यह प्रदेश की योगी सरकार का 5वां बजट है। इस बजट में 27,598.40 करोड़ रुपए की नई योजनाओं का प्रस्ताव किया गया है। बजट में 90,729.80 करोड़ रुपए के राजकोषीय घाटे का अनुमान है, जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 4.17 प्रतिशत है। बजट में 5,06,181.84 की कुल प्राप्तियां का अनुमान लगाया गया है। इनमें कुल 4,18,340.44 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्तियां और 87,841.40 करोड़ रुपए की पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं। बजट में कुल 5,50,270.78 करोड़ रुपए के व्यय का अनुमान है।
खन्ना ने शायर मंजूर हाशमी की गजल के शेर- 'यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट लेकर भी चिराग जलता है' के साथ बजट भाषण को आगे बढ़ाते हुए कहा कि लंबे समय तक लॉकडाउन के कारण सरकार की राजस्व प्राप्तियां प्रभावित रहीं, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने प्रभावी वित्तीय अनुशासन लागू किया। कर्मचारियों के वेतन और पेंशन का प्रवाह बना रहा तथा सार्थक कोशिशों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था फिर से गति पकड़ रही है।
वित्तमंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 का बजट प्रदेश के समग्र एवं समावेशी विकास के द्वारा प्रदेश के विभिन्न वर्गों का स्वावलंबन कर उनके सशक्तीकरण को समर्पित है। पिछली सरकारों के कार्यकाल में प्रदेश के महत्वपूर्ण स्थानों पर सरकारी संपत्तियां बड़े पैमाने पर निष्प्रयोज्य हो गई थीं। हमारी सरकार ने इसे संज्ञान लेते हुए ऐसी संपत्तियों को पुनर्जीवित करते हुए क्लस्टर स्थापित कराए जाने का निर्णय लिया है। वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उन्हें उन्नत तकनीक का प्रशिक्षण एवं मुफ्त पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, साथ ही सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण कार्यक्रमों से उन्हें सशक्त किया गया है। सरकार ने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना सुनिश्चित कराया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने गन्ना किसानों को 1,23,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के रिकॉर्ड गन्ना मूल्य का भुगतान कराया गया है। सरकार ने किसानों के लिए 15,000 सोलर पंप की स्थापना का लक्ष्य तय किया है। खन्ना ने कहा कि अयोध्या में निर्माणाधीन हवाई अड्डे का नाम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के नाम पर रखा जाएगा। इसके लिए 101 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

वित्तमंत्री के इस कथन का सदन के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर स्वागत किया और सदन में 'जयश्री राम' के नारे भी लगाए गए। वित्तमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए व्यापक कार्य किए गए हैं। सरकार ने निर्णय लिया है कि हर अपराधी सलाखों के पीछे होगा। सरकार लोगों की जीवन स्तर में सुधार के लिए लगातार काम कर रही है। हर घर जल, हर घर बिजली, हर गांव में सड़क और हर गांव में बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। (भाषा)



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