इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की शरण में योगी सरकार

अवनीश कुमार| पुनः संशोधित मंगलवार, 20 अप्रैल 2021 (10:32 IST)
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने को प्रदेश के 5 शहरों में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए लखनऊ, कानपुर नगर, प्रयागराज, वाराणसी व गोरखपुर में आवश्यक सेवा को छोड़कर लॉकडाउन लगाने के निर्देश दिया था। हाईकोर्ट के आदेश के आने के ठीक बाद प्रदेश सरकार की तरफ से बयान जारी करते हुए लॉकडाउन लगाने से साफ इंकार कर दिया गया था।
प्रशासनिक सूत्रों की माने तो अब योगी सरकार के फैसले को लेकर जाने का मन बना लिया है। योगी सरकार मंगलवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।
गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा व न्यायमूर्ति अजित कुमार ने निर्देश दिया है कि 19 अप्रैल से लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर नगर, वाराणसी व गोरखपुर में लॉकडाउन करें।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने 15 पेज के निर्देश में प्रदेश सरकार से कहा है कि 26 अप्रैल तक पांच शहरों में सभी तरह की गतिविधियों (आवश्यक सेवाओं को छोड़कर) पर रोक लगा दें।
हाईकोर्ट ने सरकार को पूरे प्रदेश में 15 दिन के लॉकडाउन पर विचार करने को भी कहा है। साथ ही याचिका पर अगली सुनवाई 26 अप्रैल को भी निहित कर दी थी।

वहीं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में प्रदेश सरकार की ओर से अवगत कराया गया था कि प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़े हैं और सख्ती कोरोना के नियंत्रण के लिए आवश्यक है।

एसीएस नवनीत सहगल ने कहा कि सरकार ने कई कदम उठाए हैं। आगे भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। जीवन बचाने के साथ गरीबों की आजीविका भी बचानी है। अतः शहरों में संपूर्ण लॉकडाउन नहीं लगेगा, स्वतःस्फूर्त भाव से कई जगह बंदी कर रहे हैं।



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