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यूपी में विकास के नए कीर्तिमान, 3 महीने में दी 62 हजार करोड़ से अधिक की 5551 परियोजनाओं की सौगात

लोकार्पण और शिलान्यास की नई रफ्तार से विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव रख रही योगी सरकार

Updated: बुधवार, 1 जुलाई 2026 (10:31 IST)
uttar pradesh development: बीते 9 साल से निरंतर विकास की बुलंदियों को छू रहा उत्तर प्रदेश नित नए कीर्तिमान रच रहा है। यदि वित्तीय वर्ष 2026-27 की बात करें तो पहली तिमाही में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निरंतर जनपदों के दौरे कर विकास की सौगात दे रहे हैं। वे पूर्वांचल, पश्चिमांचल, बुंदेलखंड, मध्याचंल समेत प्रदेश के सभी जनपदों को विकास से जोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अप्रैल, मई और जून के दौरान प्रदेशभर में आधारभूत ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन, खेल, शहरी विकास, ग्रामीण विकास और कनेक्टिविटी से जुड़ी 5,551 से अधिक विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
 
इन परियोजनाओं पर 62,282 करोड़ से अधिक रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जो प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाती है। सीएम योगी ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में विकास केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर तेजी से क्रियान्वित हो रहा है। यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। 

हर क्षेत्र में विकास की समान गति

इन तीन महीनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में सड़क, पुल, मेडिकल कॉलेज, खेल अवसंरचना, औद्योगिक पार्क, नगर विकास, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन और डिजिटल सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं की शुरुआत की गई। योगी सरकार ने केवल बड़े शहरों पर ही नहीं, बल्कि पूर्वांचल, बुंदेलखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र के जिलों में भी विकास कार्यों को समान प्राथमिकता दी।

गंगा एक्सप्रेसवे पर दौड़े विकास के पहिए, जेवर से हुई प्रगति की उड़ान

इस अवधि की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले गंगा एक्सप्रेसवे व नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर का लोकार्पण रहा। मेरठ से प्रयागराज तक प्रदेश को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। वहीं नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर से भी प्रगति की उड़ान हुई। एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसान पहली फ्लाइट में बैठकर लखनऊ पहुंचे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संवाद भी किया। 

शिक्षा और तकनीक पर विशेष जोर

योगी सरकार ने नई शिक्षा नीति के अनुरूप आधुनिक तकनीकी शिक्षा को भी प्राथमिकता दी। गोरखपुर में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत की गई, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और थ्री-डी प्रिंटिंग जैसे भविष्य की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुजफ्फरनगर में भी सेंटर ऑफ इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड ट्रेनिंग की स्थापना के माध्यम से युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।

स्वास्थ्य सेवाओं का हुआ विस्तार

योगी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए भी अनेक परियोजनाओं की शुरुआत की। ललितपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज सहित स्वास्थ्य अवसंरचना से जुड़ी कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। विभिन्न जिलों में अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

उद्योग और निवेश को नई ऊर्जा

ललितपुर में 1,500 एकड़ में उत्तर प्रदेश का पहला फार्मा पार्क विकसित करने की घोषणा राज्य के औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। वहीं विभिन्न जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों, लॉजिस्टिक सुविधाओं और कनेक्टिविटी परियोजनाओं के माध्यम से निवेश के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को मिला बढ़ावा

प्रदेश सरकार पर्यटन विकास को भी प्राथमिकता दे रही। संतकबीर नगर में तामेश्वरनाथ धाम कॉरिडोर, बाबा बैजूनाथ धाम के विकास और बखिरा झील को इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई। महोबा को एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई। इसके साथ ही प्रदेशभर में इको टूरिज्म को लेकर भी बड़े स्तर पर काम चल रहा है।

खेल और शहरी सुविधाओं का विस्तार

गोरखपुर में लगभग 393 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास किया गया, जिसमें 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। वहीं नगर निगमों में आधुनिक सदन भवन, मल्टीलेवल पार्किंग, टू-लेन ब्रिज, ईको पार्क और अन्य शहरी सुविधाओं के विकास से नागरिक जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया।

सामाजिक समरसता और जनकल्याण को भी प्राथमिकता

लखीमपुर खीरी में बांग्लादेश से विस्थापित हिंदू परिवारों, पीलीभीत में हजारों बंगाली परिवारों को नागरिकता और भूमि अधिकार पत्र वितरित किए गए। इस तरह प्रदेश में कई अवसरों पर लोगों को नियुक्ति पत्र व अन्य सुविधाओं से जुड़े पत्र भी वितरित किए गए। वहीं श्रमिक कल्याण योजनाओं, कल्याण मंडपम और अन्य जनसुविधाओं के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया।

विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव

इसी तरह रामपुर, गोरखपुर, देवरिया, मऊ, उन्नाव, आजमगढ़, कुशीनगर, गोंडा, बलरामपुर, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, हाथरस, फिरोजाबाद, ललितपुर और अन्य जिलों में सैकड़ों विकास परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में जिस गति से हजारों विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ, उससे स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश में विकास अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर तेजी से क्रियान्वित हो रहा है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, पर्यटन, खेल और शहरी विकास जैसे लगभग सभी क्षेत्रों में एक साथ हो रहे निवेश प्रदेश को विकसित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान कर रहे हैं।

एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के तहत सीएम योगी आदित्यनाथ स्वयं लोकार्पण और शिलान्यास से जुड़ी सभी परियोजनाओं को निगरानी करते आ रहे हैं। वहीं एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर, फार्मा पार्क और औद्योगिक क्लस्टर जैसी आधारभूत परियोजनाओं के साथ निवेश को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। कृषि, एमएसएमई, पर्यटन, डिजिटल अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षेत्र को नई गति दी जा रही है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने, रोजगार सृजन, कौशल विकास और बेहतर कानून-व्यवस्था के माध्यम से उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य तेज आर्थिक विकास के साथ प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना है।
लेखक के बारे में
वृजेन्द्रसिंह झाला
वृजेन्द्रसिंह झाला पिछले 30 से ज्यादा वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रिंट एवं डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य का अनुभव। वर्तमान में वेबदुनिया की न्यूज टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।    अनुभव : वृजेन्द्रसिंह झाला तीन दशक से ज्यादा का प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया का अनुभव है। वर्तमान.... और पढ़ें

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