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पाकिस्तानी वीडियो से मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान दंगा भड़काने की साजिश, 7 गिरफ्तार

Updated: बुधवार, 23 जुलाई 2025 (20:01 IST)
उत्तरप्रदेश में कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न होने पर पुलिस ने राहत की सांस ली है। हालांकि कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा गड़बड़ी करने का प्रयास किया गया, लेकिन चप्पे-चप्पे पर पुलिस की पैनी निगाहों ने संदिग्ध लोगों की तीसरी आंख (CCTV) और सोशल मीडिया पर निगरानी करते हुए पहचान कर ली थी। इसके चलते मुजफ्फरनगर जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक दंगा फैलाने की साजिश नाकाम हो गई। इस गंभीर मामले में अब तक कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से भड़काऊ सामग्री फैलाकर शांति भंग करने की कोशिश कर रहे थे।
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 पुलिस के मुताबिक पकड़े गए ये आरोपी पाकिस्तान की एक हिंसात्मक वीडियो मुरादाबाद की बताकर वायरल कर रहे थे। इस वीडियो में महिलाओं और बच्चों की खून से लथपथ लाशें दिखाई गईं, जिसे स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुपों पर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हिंसा के रूप में प्रचारित किया जा रहा था। इसके साथ ही एक भड़काऊ ऑडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर शेयर की गई थी। इस क्लिप में सफेद झूठ बोलते हुए दावा किया गया कि मुरादाबाद के गांवों में बजरंग दल के कार्यकर्ता मुस्लिमों पर अत्याचार करते हुए उनकी हत्या कर रहे हैं, अपने समुदाय को बचाने के लिए इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेयर करने की अपील भी की गई थी।
 
 मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय वर्मा ने बताया कि हमारी साइबर सेल कांवड़ यात्रा के दौरान पूरी सतर्कता बरतें हुए है, जिसके चलते निगरानी के दौरान इस साजिश का खुलासा हुआ कि जिले में माहौल खराब करने की भूमिका तैयार की जा रही है। इसी पर पुलिस ने काम करते हुए 21 जुलाई को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनसे पूछताछ के बाद कुछ महत्वपूर्ण जानकारी हासिल हुई जिसके चलते आज ककरौली थाना क्षेत्र से चार और आरोपी नईमुद्दीन, फईममुद्दीन, जमीरूद्दीन और शालिक को भोपा बाईपास पुल के पास से गिरफ्तार किया गया। इनके पास से चार मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जिनमें उक्त वीडियो और ऑडियो सामग्री पाई गई है।
 
पुलिस ने यह भी बताया कि यह वीडियो और ऑडियो 'ककरौली युवा एकता' और 'उम्मती ग्रुप' नामक व्हाट्सएप ग्रुपों पर तेजी से प्रसारित की जा रही थी। आरोपियों पर आईटी एक्ट, यूपीसीएल एक्ट और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का मानना है कि यह एक पूर्व नियोजित साजिश थी, जिसका उद्देश्य जिले में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना और दंगा भड़काना था।
 
वही प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की अपुष्ट या भ्रामक जानकारी, वीडियो या ऑडियो क्लिप सामने आती है है उस पर विश्वास न करें और साथ ही उसे किसी पब्लिक प्लेटफार्म और साथियों को साझा करें। ऐसी जानकारी और प्राप्त सामग्री की जानकारी स्थानीय पुलिस या कंट्रोल रूम को दें ताकि समय रहते पुलिस-प्रशासन तुरंत पुलिस या प्रशासन उचित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को दबोच लें और शहर में अमन-शांति कायम रहें। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से फिलहाल पूछताछ करते हुए अपनी जांच आगे बढ़ा रही है। Edited by : Sudhir Sharma
लेखक के बारे में
हिमा अग्रवाल

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