suvichar

मायावती ने साधा सपा और कांग्रेस पर निशाना, बताया आरक्षण विरोधी

Updated: शनिवार, 24 अगस्त 2024 (12:32 IST)
Mayawati targeted SP and Congress : बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष एवं उत्तरप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने उच्चतम न्यायालय द्वारा अनुसूचित जातियों-जनजातियों (SC-ST) के आरक्षण में उप-वर्गीकरण के मामले में समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस पर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि इन दलों की सोच आरक्षण विरोधी है।
 
मायावती का यह बयान सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा उन पर (मायावती) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक की आपत्तिजनक टिप्‍प्‍णी के खिलाफ प्रतिक्रिया व्यक्त किए जाने के कुछ घंटों बाद ही सामने आया है। यादव ने मायावती के खिलाफ भाजपा विधायक की आपत्तिजनक टिप्‍प्‍णी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शुक्रवार की देर रात सोशल मीडिया मंच 'एक्‍स' पर कहा कि सार्वजनिक रूप से दिए गए इस वक्तव्य के लिए उन पर (भाजपा विधायक पर) मानहानि का मुकदमा होना चाहिए।

ALSO READ: मायावती के खिलाफ भाजपा MLA ने की आपत्तिजनक टिप्‍पणी, अखिलेश नाराज
 
बसपा प्रमुख ने एक्‍स पर अपनी एक पोस्ट में कहा कि सपा व कांग्रेस आदि ये (दल) एससी/एसटी आरक्षण के समर्थन में तो अपने स्वार्थ एवं मजबूरी के कारण बोलते हैं किंतु एससी/एसटी आरक्षण के वर्गीकरण व क्रीमी लेयर को लेकर उच्चतम न्यायालय के 1 अगस्त 2024 के निर्णय में अभी तक चुप्पी साधे हुए हैं, जो इनकी आरक्षण विरोधी सोच को दर्शाता है। ऐसे में सजग रहना जरूरी है।
 
मायावती ने कहा कि सपा व कांग्रेस आदि की चाल, चरित्र व चेहरा हमेशा एससी/एसटी विरोधी रहा है। इस क्रम में भारत बंद को सक्रिय समर्थन नहीं देना भी यह साबित करता है। वैसे भी आरक्षण संबंधी इनके बयानों से यह स्पष्ट नहीं है कि ये उच्चतम न्यायालय के फैसले के पक्ष में हैं या विरोध में। ऐसी भ्रम की स्थिति क्यों?

ALSO READ: मंत्रालयों में लेटरल एंट्री से भर्ती पर बवाल, क्‍या बोले अखिलेश यादव और मायावती
 
उन्होंने कहा कि सपा, कांग्रेस व अन्य दल आरक्षण के विरुद्ध समान सोच वाले प्रतीत होते हैं और ऐसे में केवल एससी/एसटी ही नहीं, बल्कि अन्य ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) को भी आरक्षण व संविधान की रक्षा तथा जातीय जनगणना की लड़ाई अपने ही बल पर बड़ी समझदारी से लड़नी है।
 
उच्चतम न्यायालय ने एक अगस्त को एक ऐतिहासिक फैसले में कहा था कि राज्यों को अनुसूचित जातियों के भीतर उप-वर्गीकरण करने का संवैधानिक अधिकार है ताकि उन जातियों को आरक्षण प्रदान किया जा सके, जो सामाजिक और शैक्षणिक रूप से अधिक पिछड़ी हैं।

ALSO READ: CM योगी आदित्यनाथ का नया रिकॉर्ड, मायावती को पीछे छोड़ा
 
हालांकि, उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया था कि राज्यों को पिछड़ेपन और सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व के मात्रात्मक और प्रदर्शन योग्य आंकड़ों के आधार पर उप-वर्गीकरण करना होगा, न कि मर्जी और राजनीतिक लाभ के आधार पर।
 
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली सात-सदस्यीय संविधान पीठ ने 6:1 के बहुमत के निर्णय के जरिए ई वी चिन्नैया बनाम आंध्रप्रदेश सरकार मामले में शीर्ष अदालत की 5 सदस्यीय पीठ के 2004 के फैसले को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि अनुसूचित जातियों (एससी) के किसी उप-वर्गीकरण की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि वे अपने आप में स्वजातीय समूह हैं। न्यायालय द्वारा अनुसूचित जातियों के उप-वर्गीकरण के संबंध में दिए गए फैसले के खिलाफ कुछ दलित और आदिवासी समूहों ने 21 अगस्त को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया था।(भाषा)
 
Edited by: Ravindra Gupta
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

कभी चीन का 'सुब्रत रॉय सहारा', अब उम्रकैद, Evergrande के Hui Ka Yan की कहानी ने क्यों चौंकाया?

राहुल गांधी की मांग के आगे झुकी दिल्ली पुलिस, धरने के बाद NEET पैलेट पीड़ित छात्र साहिल की FIR लिखी

H1N1 Cases: दिल्ली-NCR में 1,700 से ज्यादा मामले, मुंबई में भी तेजी, बच्चों में फ्लू जैसे लक्षण बढ़े, जानें बचाव और कब कराएं टेस्ट

भारत में चीनी के दाम बढ़ने से Pakistan को क्यों दिखा फायदा, दिल्ली के फैसले से क्यों हुआ बैचेन

सांप के डसने से कोमा में जा रहा था एंबुलेंस ड्राइवर, दोस्तों ने 2 घंटे में मारीं 400 थपकियां; 30 इंजेक्शन भी बेअसर

सभी देखें

ईरान से जंग हार चुका है अमेरिका, दुनिया भी यह मान चुकी है, किसके बयान से फिर सुलग उठा मिडिल ईस्‍ट?

यमुना के बाढ़ क्षेत्र को पर्यावरणीय क्षति पहुंचाने के सभी आरोपों से आर्ट ऑफ लिविंग मुक्त, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

कॉकरोच मैन अभिजीत दिपके के खिलाफ FIR, बिना इजाजत के सरकारी स्कूल में घुसने और धमकाने का आरोप

पुणे मंजे प्रेम, ‘छात्रों की गूंज’ में बोले राहुल गांधी, कहा, लड़कियां आजाद हों, हजारों लड़कियों ने राहुल के लिए बनाया दिल

राम की बडी बहन माता शांता की राखी अयोध्या से राष्ट्रपति, पीएम और सीएम को भेजी

अगला लेख