आज का शेर - अंधेरों के दरमियां Written By: WD google-news WDFILE शुमार कर न अभी मेरा इन निगाहों मेंमैं इस हजूम से दामन बचा के निकलूंगा,घिरा हूं आज अंधेरों के दरमियां लेकनमैं एक मशाले-फ़रदा जला के निकलूंगा। - अमीर कज़लबाश हमारे साथ WhatsApp पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें हमारे साथ Telegram पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें