एक खिलाड़ी एक हसीना : फीकी शुरुआत
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कार्यक्रम के शुरुआती एपिसोड्स में वो बात नजर नहीं आई जो एक डांस शो में नजर आती है। सभी प्रतियोगियों के प्रदर्शन में जीतने की जिद और जोश नजर नहीं आया। अधिकांश खिलाडि़यों में झिझक थी और साथी कलाकार से उनकी कैमेस्ट्री भी नहीं जम रही थी।
परफार्मेंस की दृष्टि से भी देखा जाए तो अधिकांश का प्रदर्शन लचर था। इरफान पठान को तो नाचना बिलकुल भी नहीं आता। दरअसल यह कार्यक्रम मौज-मजे की दृष्टि से बनाया गया लगता है। इसमें गंभीरता नहीं है।
इसकी शूटिंग भी बहुत पहले खत्म हो चुकी होगी क्योंकि इरफान, हरभजन और श्रीसंत जैसे खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अक्टूबर में आरंभ हो रही सीरिज में व्यस्त हो जाएँगे।
जजों में सुष्मिता सेन सभी पर मेहरबान लगी। दूसरी ओर वसीम अकरम खिलाडि़यों के नृत्य पर अपनी हँसी नहीं रोक पा रहे थे। कुल मिलाकर इस कार्यक्रम का आगाज़ अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा। उम्मीद की जानी चाहिए कि आगामी एपिसोड्स में यह शो कुछ बेहतर होगा।

