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Hartalika teej 2024: आज हरतालिका तीज का त्योहार, जानिए अष्ट प्रहर पूजा का शुभ मुहूर्त

Written By WD Feature Desk
Updated: शुक्रवार, 6 सितम्बर 2024 (11:55 IST)
Highlights 
 
जानें हरतालिका तीज 2024 के मुहूर्त।
आज हरतालिका तीज, जानें शुभ समय।
हरतालिका तीज के दिन कब करें पूजन, जानें शुभ मुहूर्त। 

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Hartalika Teej 2024: प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल तृतीया को हरतालिका तीज व्रत किया जाता है। इस वर्ष आज यानि 06 सितंबर 2024, दिन शुक्रवार को हरतालिका तीज मनाई जा रही है। जो कि सौभाग्यवती महिलाओं का खास पर्व हैं और महिलाएं इस दिन निर्जल व्रत करती है तथा विवाहिताएं पति की लंबी उम्र और कुंवारी लड़कियां अच्छा वर पाने की कामना से भगवान शिव माता पार्वती जी की मिट्टी से बनी प्रतिमा की अष्‍ट प्रहर पूजा करती है। आज हरतालिका तीज या गौरी हब्बा व्रत रवि योग में मनाया जा रहा है। 
 
हिन्दू धर्म के अनुसार दिन और रात मिलाकर 24 घंटे में आठ प्रहर होते हैं। औसतन एक प्रहर तीन घंटे या साढ़े सात घटी का होता है जिसमें दो मुहूर्त होते हैं। एक प्रहर एक घटी 24 मिनट की होती है। दिन के चार प्रहर में पूर्वाह्न, मध्याह्न, अपराह्न और सायंकाल और रात के चार प्रहर- प्रदोष, निशिथ, त्रियामा एवं उषा आते हैं। 

शास्त्रानुसार हरितालिका तीज व्रत भाद्रपद शुक्ल तृतीया को रखा जाता है। तथा तृतीया और चतुर्थी के योग को श्रेष्ठ कहा गया है। 06 सितंबर को तृतीया तिथि मध्याह्न 3:01 मिनट तक है, तत्पश्चात् चतुर्थी के आरंभ होने से इस दिन तृतीया और चतुर्थी का योग बन रहा है, जो शास्त्रानुसार सर्वश्रेष्ठ है।

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आइए यहां जानें हरतालिका तीज व्रत पर अष्ट प्रहर पूजा के शुभ मुहूर्त के बारे में : 
 
हरतालिका तीज : 6 सितंबर 2024, शुक्रवार के शुभ मुहूर्त :
 
भादों शुक्ल तृतीया का प्रारंभ- 05 सितंबर 2024, गुरुवार दोपहर 12:21 मिनट से शुरू।
तृतीया तिथि का समापन- 06 सितंबर 2024, शुक्रवार को दोपहर 03:01 मिनट पर होगा।
 
प्रातः पूजा का शुभ समय- 06:02 से 08:33 तक।
कुल अवधि - 02 घंटे 31 मिनट्स

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06 सितंबर के अष्‍ट प्रहर मुहूर्त जानें : 
 
ब्रह्म मुहूर्त: प्रात: 04:30 से 05:16 तक।
 
प्रातः सन्ध्या: प्रात: 04:53 ए एम से 06:02 तक।
 
अभिजित मुहूर्त: प्रात: 11:54 से दोपहर 12:44 तक।
 
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:25 से 03:15 तक।
 
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:36 से 06:59 तक।
 
सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:36 से 07:45 तक।
 
निशिता मुहूर्त: रात्रि 11:56 से 7 सितंबर 12:42 तक।
 
रवि योग: सुबह 09:25 से अगले दिन सुबह 06:02 तक।

किस समय करते हैं पूजा? 
 
पहली पूजा : दिन में प्रात:04:30 से 05:16 के बीच या सुबह 11 से 12 के बीच।
दूसरी पूजा : शाम 06:36 से 07:45 के बीच।
तीसरी पूजा : रात 11:56 से 12:42 के बीच।
चौथी पूजा : रात 02:30 से 03:30 बजे के बीच।
पांचवीं पूजा : सुबह 05 बजे या ब्रह्म मुहूर्त में।
 
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