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टीचर्स डे पर कविता : नए युग का शिक्षक

Updated: सोमवार, 1 सितम्बर 2025 (14:39 IST)
वह केवल किताबों तक सीमित नहीं,
बल्कि भविष्य की स्क्रीन पर
हमारे सपनों का कोड लिखता है।
 
वह चॉक और डस्टर से
सिर्फ ब्लैकबोर्ड नहीं सजाता,
बल्कि हमारी सोच के आकाश में
संभावनाओं का सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करता है।
 
शिक्षक आज वह है,
जो तकनीक की चमक के बीच भी
मानवता की गरमाहट
बच्चों की हथेलियों में भर देता है।
 
वह हमें बताता है
ज्ञान सिर्फ गूगल पर नहीं,
बल्कि आत्मा की गहराइयों में भी है।
 
वह हमें सिखाता है
रोबोटिक्स, एआई, और डिजिटल युग के साथ-साथ
संवेदनाओं की प्रोग्रामिंग भी जरूरी है।
 
शिक्षक वह है
जो किताब के पन्नों से निकलकर
हमारे दिलों में टिक जाता है,
और बार-बार याद दिलाता है
कि शिक्षा केवल नौकरी का रास्ता नहीं,
जीवन जीने की कला है।
 
नए युग का शिक्षक
एक पुल है
जो परंपरा और नवाचार को जोड़ता है,
संस्कृति और विज्ञान को
एक ही धरातल पर खड़ा करता है।
 
उसके बिना
ज्ञान केवल डेटा बनकर रह जाएगा,
और इंसान केवल मशीन।
 
शिक्षक हमें इंसान बनाए रखता है,
इसीलिए
हर युग में, हर समय में,
उसकी महत्ता कभी कम नहीं होती,
बल्कि और बढ़ती जाती है।
 
(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है।)
लेखक के बारे में
सुशील कुमार शर्मा
वरिष्ठ अध्यापक, गाडरवारा.... और पढ़ें

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