biodatamaker

इस बसंत पंचमी पर इन खास भोग से प्रसन्न होंगी मां सरस्वती, अभी नोट करें 5 रेसिपी

Written By WD Feature Desk
Updated: मंगलवार, 13 फ़रवरी 2024 (14:39 IST)
kheer recipe 
 
HIGHLIGHTS
 
वसंत पंचमी स्पेशल 5 सरल प्रसाद रेसिपी।
बसंत पंचमी पर बनने वाले व्यंजन।
वसंत पंचमी विशेष भोग एवं नैवेद्य।
 
Basant Panchami 2024 Bhog: इस वर्ष बसंत पंचमी का पर्व बुधवार, 14 फरवरी 2024 को मनाया जा रहा है। मान्यतानुसार इस दिन पूजा में कई तरह भोग लगाकर उनका प्रसाद चढ़ाने से मां सरस्वती तथा श्रीहरि विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यतानुसार वसंत पंचमी के दिन पीले रंगों के उपयोग का बहुत महत्व है, अत: इस दिन भोग के पकवानों में भी पीले रंग के व्यंजनों को बहुतायात में शामिल किया जाता है। 
 
आइए जानते हैं इस बसंत पंचमी पर आप भोग में क्या-क्या चढ़ा सकते हैं...
 
बेसन के लड्डू
 
सामग्री : 500 ग्राम मोटा बेसन, 400 ग्राम शकर का बूरा, 1/4 कप नारि‍यल का बूरा, 1/4 कप मेवे की कतरन, शुद्ध घी आवश्‍यकतानुसार।
 
वि‍धि ‍: एक कढ़ाई में घी गरम कर लें। अब बेसन को छानकर घी में धीमी आंच पर भून लें। सौंधी-सौंधी खुशबू आने के बाद आंच से उतार लें। बेसन गुनगुना होने पर नारि‍यल का बूरा और मेवे की कतरन मिला दें। अब इसमें शकर का बूरा डालकर अच्‍छी तरह मि‍लाएं। जब मि‍श्रण एक-सा हो जाए तो अपनी पसंद के आकार के लड्डू बना लें। तैयार बेसन के लड्डू का नैवेद्य भगवान को अर्पित करें। 

केसर की पीली खीर 
 
सामग्री : 1 लीटर दूध, 2 बड़े चम्मच शकर, 1/4 चम्मच छोटा जायफल घिसा हुआ, 1 कटोरी मेवे की बतरन, 1/2 चम्मच इलायची पाउडर, 8-10 केसर के लच्छे। 
 
विधि : सबसे पहले दूध को भारी पेंदे के बर्तन में लेकर, छानकर धीमी आंच पर दानेदार होने तक पकाएं। अब इसमें शकर व ड्रायफ्रूट्‍स (सूखे मेवे कटे) डालकर गाढ़ी होने तक अच्छे से पकाएं। फिर जायफल व इलायची पाउडर डालें और 1-2 मिनट और पकाएं। अब केसर को दूध में घोटें और खीर में मिलाकर कुछ देर उबालें। शाही मेवों से बनी केसर की पीली खीर का मां सरस्वती को भोग लगाएं तथा पर्व का आनंद लें।

केसरी हलवा
 
सामग्री : 500 ग्राम कुम्हड़ा (कद्दू), 100 ग्राम मावा, 125 ग्राम शकर, 1 चम्मच इलायची पाउडर, 1/4 कप कटे मेवे, 1 चम्मच घी।
 
विधि : 
कद्दू को छीलकर किस लें। अब एक कढ़ाई में घी गरम करके कद्दू को भूनें और उसमें मावा और शकर डालकर पका लें। अब मेवे व पिसी इलायची डाल दें। अब कुम्हड़े के केसरी हलवा का नैवेद्य अर्पित करें। 

पीले रंग के चावल/ केसरिया भात
 
सामग्री : 250 ग्राम बासमती चावल, 1 चम्मच दूध, 1 कप शकर, 1 चम्मच इलायची पाउडर, 4-5 लौंग व केसर के लच्छे, चुटकी भर मीठा पीला रंग, 1 चम्मच घी, पाव कप मेवों की कतरन।
 
विधि : सबसे पहले चावल को उबाल कर ठंडे करके अलग रख लें। अब एक पैन में घी गरम करके लौंग, इलायची एवं मीठा रंग डालें। तत्पश्चात उबले चावल डालकर दो-तीन मिनट तक चलाएं। फिर इसमें शकर डालकर मिलाएं। पूरी तरह शकर घुलने पर उसमें दूध में घुली केसर एवं कटे मेवे डालकर हिलाएं। तैयार गरमा-गरम लाजवाब केसरिया पीले चावल से माता को भोग चढ़ाएं। 

केसरिया मालपुए
 
सामग्री : 1 कप दूध, 1 चम्मच सौंफ, 1 कप मैदा छना हुआ,  डेढ़ कप शकर, 1 चम्मच नींबू रस, तलने और मोयन के लिए रिफाइंड तेल, डेकोरेशन के लिए पाव कटोरी मेवे की कतरन और इलायची पाउडर 1 चम्मच।
 
विधि : सबसे पहले मैदे में दो बड़े चम्मच तेल का मोयन डालें। तत्पश्चात दूध और सौंफ मिलाएं और घोल तैयार कर लें। एक मोटे पेंदे के अलग बर्तन में शकर, नींबू रस और तीन-चौथाई कप पानी डालकर चाशनी तैयार कर लें। चाशनी बनाते समय उसमें केसर के कुछेक पत्ती डाल दें।
 
अब एक कढ़ाई में तेल गर्म करके एक बड़े चम्मच से घोल डालते जाएं और करारा फ्राय होने तक तल लें। फिर चाशनी में डुबोएं और एक अलग बर्तन में रखते जाएं। इसी तरह सभी मालपुए तैयार कर लें और ऊपर से मेवे की कतरन और पिसी इलायची बुरका कर मीठे-मीठे मालपुए का नैवेद्य चढ़ाएं। 

ALSO READ: सर्दी के दिनों में सेहतमंद रखेगा खसखस का हलवा, अभी नोट करें रेसिपी
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

Teacher day 2026: 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर इस बार क्या है खास

श्रीकृष्‍ण जन्माष्टमी विशेष: जब जीवन हारने लगे, तब श्री कृष्ण का जीवन पढ़िए

'मक्का गठबंधन' की इस्तांबुल में हुई पहली बैठक, पाकिस्तान को बड़ी जिम्मेदारी

नॉर्वे के राजा हाराल्ड पंचम का निधन, 1991 में बने थे राजा

सीआईए और रूसी एजेंसी के दो देशों में तख्तापलट के ‘सीक्रेट मिशन’ से खलबली..!

अगला लेख