sawan somwar

देश-विदेश के 10 कहानीकारों को मिला डॉ. प्रेम कुमारी नाहटा कहानी प्रतियोगिता पुरस्कार

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 12 फ़रवरी 2024 (18:20 IST)
 
इंदौर। 11 फरवरी 2024, रविवार को मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति में प्रेम कुमारी नाहटा कहानी प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरित किए गए. मुख्य अतिथि डॉ. रेणु जैन, कुलपति, देअविवि. ने इस अवसर पर कहा कि प्रतियोगिता का यह प्रथम वर्ष है. निर्णायक मंगला रामचंद्रन, पद्मा सिंह और सीमा व्यास थे।
 
'कहानी जीवन की प्रतिछाया है और जीवन स्वयं एक अधूरी कहानी है, एक शिक्षा है जो उम्र भर मिलती है और समाप्त नहीं होती। कहानी के कुछ विशेष तत्‍व होते हैं जो कहानी में रस भरते हैं। कहानी वह ध्रुपद की तान है, जिसमें गायक महफिल शुरू होते ही अपनी प्रतिभा दिखा देता है, चित्‍त को मधुरता से भर देता है।'
 
वामा साहित्य मंच के बैनर तले आयोजित इस प्रतिस्पर्धा में देश और विदेश से 74 प्रविष्टियां आई थीं जिसमें से 10 कहानियों का चयन पुरस्कार हेतु किया गया। दुबई, जयपुर, ग्वालियर, भोपाल, जोधपुर और इंदौर की कथाकारों ने यह पुरस्कार जीता। 
 
आरंभ में अतिथि का स्वागत जयश्री नाहटा और रागिनी सिंह ने किया। स्वागत उद्बोधन अध्यक्ष इंदु पाराशर ने दिया। डॉ. प्रेम कुमारी नाहटा ने आत्मकथ्य प्रस्तुत किया।  प्रतियोगिता प्रभारी पद्मा राजेंद्र ने भी रूपरेखा प्रस्तुत की। निर्णायकों ने भी अपनी बात रखीं।  सरस्वती वंदना संगीता परमार, आभार डॉ. मुक्ता जैन और संचालन स्मृति आदित्य ने किया। इस अवसर पर शहर के कई साहित्यकार उपस्थित रहे।
 
डॉ. प्रेम कुमारी नाहटा कहानी पुरस्कार 
मुख्य अतिथि डॉ. रेणु जी ने कहा कि वामा में आकर उन्हें हर बार ऐसा लगता है कि वे घर पर ही आईं हैं। 
कहानियों का अपना संसार होता है। वे अंदर तक झकझोर देती हैं। ये बहुत अच्छी शुरुआत की गई है। बधाई देते हुए कहा कि सपना लक्ष्य को पाने की सीढ़ी है। पूरी ताक़त से जुट जाएं। दरवाज़ा ज़रूर खुलेगा।
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

15 अगस्त विशेष: शहीदों के सपनों का भारत नारों से नहीं, हमारे चरित्र और कर्म से बनेगा

जब उम्मीद थक जाए, तब साहस काम आता है

असली पनीर और Analog Paneer में क्या है फर्क? खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान

लोकतंत्र की पहली पाठशाला: छात्रसंघ चुनावों की वापसी क्यों जरूरी? जानें युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी

गरीबी चुराने कोई नहीं आता!

अगला लेख