ganesh chaturthi

सेंसेक्स 627 अंक लुढ़का, 50000 से नीचे आया

Updated: बुधवार, 31 मार्च 2021 (18:52 IST)
मुंबई। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के बीच बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 627 अंक लुढ़ककर बंद हुआ।कोरोनावायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता के बीच एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इन्फोसिस जैसे शेयरों में मुनाफावसूली से बाजार में गिरावट आई। इसी प्रकार, निफ्टी 154.40 अंक यानी 1.04 प्रतिशत टूटकर 14,690.70 अंक पर बंद हुआ।

30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 627.43 अंक यानी 1.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 49,509.15 पर बंद हुआ। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 154.40 अंक यानी 1.04 प्रतिशत टूटकर 14,690.70 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट एचडीएफसी बैंक और एचडीएफसी में दर्ज की गई। एक दिन पहले ही एचडीएफसी बैंक ने ऑनलाइन बैंक सेवाओं में कुछ तकनीकी गड़बड़ी की बात स्वीकार की थी।

ऑनलाइन सेवाओं में बाधा को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक के जुर्माने का सामाना कर रहा एचडीएफसी बैंक ने मसले का समाधान करने और सेवाएं बहाल करने का वादा किया है। एचडीएफसी बैंक जहां 4 प्रतिशत लुढ़का, वहीं एचडीएफसी बैंक में 3.86 प्रतिशत की गिरावट आई।

जिन अन्य शेयरों में गिरावट आई, उनमें पावर ग्रिड (2.71 प्रतिशत), टेक महिंद्रा (2.5 प्रतिशत), आईसीआईसीआई बैंक (1.71 प्रतिशत), ओएनजीसी (1.59 प्रतिशत), कोटक बैंक (1.5 प्रतिशत), इन्फोसिस (1.28 प्रतिशत) और रिलायंस इंडस्ट्रीज (1.25 प्रतिशत) शामिल हैं।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में 19 नुकसान में रहे। दूसरी तरफ आईटीसी, बजाज फिनसर्व, एचयूएल, भारतीय स्टेट बैंक और टीसीएस लाभ में रहे। रिलायंस सिक्योरिटीज के रणनीति मामलों के प्रमुख विनोद मोदी ने कहा, कोविड-19 मामलों में तेजी को लेकर चिंता तथा इसके कारण कुछ जगहों पर पाबंदियों के कारण निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा और घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में एक दिन में कोरोनावायरस के 53,480 नए मामले सामने आए, जिसके बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,21,49,335 हो गई। वहीं संक्रमण से 354 और लोगों की मौत हो गई, जो इस साल एक दिन में सर्वाधिक मृतक संख्या है। इसी के साथ देश में मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 1,62,468 हो गई।

मोदी ने कहा कि इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी के प्रतिफल में वृद्धि तथा डॉलर सूचकांक के मजबूत होने से भी चिंता बढ़ी है। वित्तीय क्षेत्र खासकर निजी बैंकों में भारी मुनाफावसूली देखी गई। इसके अलावा आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा।

हालांकि निवेशक दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों, धातु और औषधि कंपनियों के शेयरों में लगातार निवेश कर रहे हैं। एशिया के अन्य बाजारों में शंघाई, हांगकांग, सोल और टोक्यो नुकसान में रहे। वाल स्ट्रीट में मंगलवार की गिरावट का असर एशिया के अन्य बाजारों पर पड़ा।

अमेरिकी बाजार पर राष्ट्रपति जो बाइडेन के बयान का असर पड़ा। एक रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति ने वृद्धि को गति देने और रोजगार सृजित करने के लिए बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर 2,000 अरब डॉलर से अधिक खर्च की इच्छा जताई है। इस खर्च को पूरा करने के लिए कंपनी कर बढ़ाया जाएगा।

भारतीय समयानुसार दोपहर बाद खुले यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी गिरावट का रुख रहा। इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ 63.80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।(भाषा)

Show comments

कालीघाट मंदिर में BJP CM शुभेंदु अधिकारी ने खाया Fish Bhog

BRICS Summit 2026 : PM मोदी और पुतिन की अहम मुलाकात, डिफेंस और एनर्जी सहयोग पर अहम फैसले

Electric Scooter : 1.18 लाख में 132 किमी की रेंज! Kinetic DX Plus का नया इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, फीचर्स भी दमदार

8 लाख रुपए तक सस्ती Mahindra XEV 9S और XEV 9e, क्या BaaS में EV खरीदना फायदे का सौदा है?

अमेरिका में बड़ा चुनावी दांव: ट्रंप का ऐलान- हर वयस्क नागरिक को मिलेंगे 5000 डॉलर

सभी देखें

रायसेन गोलीकांड का Live वीडियो आया सामने, जेल प्रहरी पर फायरिंग के बाद सिर पर किया अटैक, आंखों में मिर्च डाली

इस तारीख को आएंगी लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सवा करोड़ बहनों को देंगे तोहफा

मोदी के साथ न सत्ता की वंश परंपरा थी न ही विरासत, संघर्ष से बनाई पहचान : CM योगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा और जिम्मेदारी के 25 वर्षों के प्रति आभार का प्रकटीकरण है सेवा संकल्प अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

सीएम योगी से मिली बलिया की दिव्यांग बेटी रागिनी, इलाज से लेकर पढ़ाई तक हर मदद का मिला भरोसा

अगला लेख