केवल कड़ी मेहनत ही सफलता का असली मूलमंत्र है : मेरीकॉम

Last Updated: बुधवार, 1 अप्रैल 2020 (14:52 IST)
नई दिल्ली। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता और 6 बार की ने साफ किया कि उनकी सफलता का कोई मूलमंत्र नहीं है और के दम पर ही वह इस मुकाम तक पहुंची हैं।
यह 37 वर्षीय मुक्केबाज अपने दूसरे ओलंपिक खेलों की तैयारियों में जुटी है जिन्हें कोविड-19 महामारी के कारण 2021 तक टाल दिया गया है।

वह बुधवार को भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के ‘मेकिंग ऑफ ए चैंपियन’ विषय पर बात कर रही थी जो कि का खिलाड़ियों के लिए फेसबुक ‘लाइव सेसन’ है। महामारी के चलते होने के कारण अधिकतर खिलाड़ी अपने घरों या हॉस्टल में बंद हैं।

मेरीकॉम ने कहा कि उन्होंने जो सफलताएं हासिल की उसके पीछे कोई राज नहीं छिपा है। उन्होंने कहा, ‘मेरे पास सफलता का कोई मंत्र नहीं है। कड़ी मेहनत करो ओर आप जो भी कर रहे हो उसके प्रति ईमानदार बने रहो। बस यही मैं करती हूं। उतार चढ़ाव तो आते रहते हैं लेकिन आपको अपने सपनों को साकार करने के लिए ध्यान नहीं हटाना चाहिए।’


मेरीकॉम ने कहा, ‘मुक्केबाजी की मेरी यात्रा आसान नहीं रही। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ओलंपिक स्तर पर पहुंचना आसान नहीं था लेकिन अगर आपके अंदर इच्छाशक्ति है और जिंदगी में कुछ हासिल करना चाहते हो तो आप कर सकते हो।’

उन्होंने कहा, ‘मेरी शुरुआती जिंदगी कठिनाईयों से भरी थी। मैं गरीब परिवार में पली बढ़ी जहां कई तरह की मुश्किलें थी। मैं उन्हें याद तक नहीं करना चाहती हूं।’ इस मुक्केबाज ने सभी को संकट की इस घड़ी में अपने घरों में ही रहने की सलाह दी। (भाषा)




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