बीबीसी ‘साल की सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी पुरस्कार’ की दौड़ में शामिल हुई यह 5 खिलाड़ी

Last Updated: सोमवार, 8 फ़रवरी 2021 (19:22 IST)
नई दिल्ली: भारतीय हॉकी टीम की कप्तान बीबीसी ‘साल की सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी पुरस्कार’ के लिए शतरंज खिलाड़ी कोनेरू हंपी, युवा निशानेबाज मनु भाकर, तोक्यो ओलंपिक का टिकट हासिल कर चुकी पहलवान और फर्राटा धाविका से प्रतिस्पर्धा करेगी। इन खिलाड़ियों का नामांकन 40 सदस्यीय निर्णायक मंडल ने किया है।
विजेता का फैसला सार्वजनिक मतदान द्वारा किया जाएगा। बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर (ISWOTY) चुनने के लिए आम लोग News, BBC Hindi, BBC Marathi, BBC Gujarati, BBC Punjabi, BBC Tamil, BBC Telugu पर नामित खिलाड़ियों के पक्ष में फ्री ऑनलाइन वोटिंग कर सकते हैं। मतदान 24 फरवरी तक खुला है और विजेता की घोषणा वर्चुअल पुरस्कार समारोह में 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन की जाएगी। दिन किया जाएगा। विजेता के नाम का ऐलान 8 मार्च को एक किया जाएगा। इसमें लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड और इमर्जिंग प्लेयर अवार्ड के विजेता के नाम का भी ऐलान होगा।
लगातार दूसरे साल इन पुरस्कारों के लिए किसी क्रिकेटर को नामांकन नहीं मिलने के बारे में पूछे जाने पर बीबीसी भारतीय भाषाओं की प्रमुख रूपा झा ने कहा कि नामांकन हासिल करने वाले खिलाड़ियों को विशेषज्ञों और खेल लेखकों से भरे निर्णायक मंडल द्वारा चुना गया है और उन्होंने किसी भी खेल की अनदेखी नहीं की है।

अवार्ड के लिए जिन महिला खिलाड़ियों को नामित किया गया है, उन्होंने अपनी प्रतिक्रियाएं भी दी हैं। दुती चंद ने कहा- मुझे एक और साल बीबीसी अवार्ड के लिए नामित होने का मौका मिला है। मैं इससे खुश हूं। यह देखना बहुत अच्छा लगता है कि अपने देश के लोगों में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ी है। हमारे कई खिलाड़ियों ने काफी नाम कमाया है। वे पैसा कमाने के साथ देश का गौरव भी बढ़ा रहे हैं।

मनु भाकर ने कहा कि बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर अवार्ड के लिए नामित होना मेरे लिए काफी मायने रखता है, क्योंकि मुझे ये सराहना अपने देशवासियों से मिल रही है। लोग मेरे प्रदर्शन को सराहते हैं और मेरी मेहनत को मान्यता देते हैं। ये मेरे लिए काफी अहम बात है। इसके लिए मैं तहेदिल से शुक्रिया अदा करती हूं।

शतरंज खिलाड़ी कोनेरू हम्पी अवार्ड जीतने से ज्यादा इसके लिए नामित होना ही मेरे लिए एक कामयाबी है। मेरा मानना है कि हार या जीत के बारे में सोचने की जगह खेल प्रतिस्पर्धाओं में उतरना ज्यादा अहम है और वो भी इस कोरोना काल में। मुझे पूरी उम्मीद है कि बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर अवार्ड हमें खुशी मनाने का मौका देगा। हम अन्य खिलाड़ियों और दुनिया भर के लोगों के साथ इस अवार्ड का जश्न मनाएंगे।
वहीं, रानी ने कहा कि यह बहुत ही हौसला बढ़ाने वाली बात है कि महिला खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा की वजह से पहचान मिल रही है। मैं हर महिला से अनुरोध करूंगी कि वे कम से कम एक खेल ज़रूर खेलें, यह उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ही बेहतर होगा। विनेश फोगाट ने कहा- लड़कियों के कुश्ती लड़ने को नीची निगाहों से देखने वाले मेरे गांव के लोग कहते थे कि इन लड़कियों से क्या करवा रहे हो? लेकिन अब जब हमारे गांव में लड़की पैदा होती है तो लोग कहते हैं हम इसे पहलवान बना देंगे। लोग वास्तव में ऐसा कर रहे हैं। अपने मेडलों के जरिये हमने यह बदलाव किया है। अगर हम लड़कियों की जिंदगी में बदलाव कर पाए तो यह मेरे लिए किसी मेडल से कम नहीं है।
बीबीसी स्पोर्ट्स हैकथॉन (18 फरवरी) : बीबीसी ने कहा है कि वह स्पोर्ट्स हैकेथॉन का भी आयोजन करेगा, जिसमें 50 भारतीय महिला खिलाड़ियों की 300 से ज्यादा विकीपीडिया एंट्री जोड़ी जाएंगी। ये नई एंट्री होंगी या पुरानी एंट्री को अपडेट किया जाएगा।
ये एंट्री अंग्रेजी और छह भारतीय भाषाओं में होंगी। दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और पुडुचेरी के 13 संस्थानों के पत्रकारिता के स्टूडेंट्स बीबीसी हैकथॉन में हिस्सा लेंगे। 18 फरवरी को स्पोर्ट्स हैकथॉन बीबीसी की भारतीय भाषाओं की सेवाओं के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर लाइव उपलब्ध हो जाएगा।
द इंडियन चेंजमेकर्स : इस खास सीरीज में अलग-अलग राज्यों की बेहद प्रभावित करने वाली 5 महिला खिलाड़ियों के खेल का सफर दिखाया गया है। सीरीज में बताया गया गया है कि कैसे इन महिला खिलाड़ियों ने तमाम बाधाओं को दूर कर खेलों की दुनिया में अपना सफर जारी रखा और चेंजमेकर बनकर उभरीं।

पिछले साल ‘लाईफ टाईम एचीवमेंट’ पुरस्कार हासिल करने वाली पूर्व दिग्गज धाविका पीटी उषा ने इस पहल के लिए बीबीसी की सराहना की। उन्होंने इस मौके पर उम्मीद जतायी की भारत की मिश्रित रिले टीम तोक्यो ओलंपिक खेलों में अच्छा प्रदर्शन करेगी।
उन्होंने कहा, ओलंपिक में एथलेटिक्स में पदक हासिल करना बहुत कठिन है। लेकिन धीरे-धीरे हमने अच्छा करना शुरू कर दिया है। भविष्य में हमें पदक मिलेगा। हमारी मिश्रित रिले टीम ने 2019 में विश्व एथलेटिक्स के फाइनल में पहुंचकर अच्छा प्रदर्शन किया था। वे सातवें स्थान पर रहे। उनसे इससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।



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