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सावन का छठा सोमवार, उज्जैन में निकलेगी छठी शाही सवारी, जानें किस रूप में निकलेंगे बाबा महाकाल

Updated: शनिवार, 19 अगस्त 2023 (10:57 IST)
Ujjain Mahakal Six Sawari : उज्जैन में महाकाल बाबा की इस बार श्रावण माह में 8 और भादो माह में 2 सवारी निकलेगी। 14 अगस्त 2023 सोमवार के दिन महाकालेश्वर बाबा की छठवीं सवारी निकलने वाली है। हर बार बाबा अलग अलग स्वरूप में पालकी में विराजमान होकर नगर भ्रमण करते हैं। आओ जानते हैं कि इस बार कौन से स्वरूप में बाबा निकलेंगे।
 
बाबा महाकाल की इस बार शाही सवारी रहेगी : आज फिर सावन के छठे सोमवार के दिन और एक बार फिर से महाकाल की नगरी उज्जैन में महाकाल बाबा की सवारी निकाली जाएगी। आज महाकाल बाबा घटाटोप स्वरूप में निकलेंगे। महाकाल की छटवीं शाही सवारी में आज पीसीसी चीफ कमलनाथ शामिल होंगे। 

 
आज एक बार फिर चांदी की पालकी में सवार महाकाल अपने भक्तों को दर्शन देंगे और उनका हाल जानने के लिए उज्जैन की नगरी में भ्रमण पर निकलने वाले हैं। आज महाकाल की सवारी में बाबा महाकाल के 6 स्वरूपों में भक्तों को दर्शन देंगे। चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, नंदी रथ पर उमा महेश, गरूड़ रथ पर शिव तांडव, डोल रथ पर होलकर स्वरूप और अन्य रथ पर महाकाल घटाटोप स्वरूप में दिखाई देंगे। दर्शन का ये क्रम लगातार 20 घंटे तक चलेगा और 5 लाख से ज्यादा भक्तों के आने का अनुमान लगाया जा रहा है।
 
दर्शन के लिए सुविधा : भक्तों की भीड़ के बढ़ने को लेकर व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। 250 रुपए की टिकट बुकिंग कर आने वाले श्रद्धालुओं से लेकर, नियमित दर्शनार्थी, कांवड़ यात्री, वीआईपी, वीवीआईपी, हरिओम जल समेत सभी के लिए अलग अलग दर्शन व्यवस्था है। दावा है कि 40 मिनट में बिना परेशानी के सभी भक्तों को महाकाल के दर्शन होंगे।
 
सवारी परंपरागत मार्ग : परंपरा के मुताबिक दोपहर 3:30 बजे महाकाल सभा मंडप में भगवान चंद्रमौलेश्वर का विधिवत पूजन अर्चन किया जाएगा और इसके बाद सवारी नगर भ्रमण पर निकलेगी। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र बलों की टुकड़ी बाबा को गार्ड ऑफ ऑनर देगी।  महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाडी से होती हुई रामघाट पहुंचेगी। जहां शिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन-अर्चन किया जाएगा। इसके बाद सवारी रामानुज कोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होती हुई पुन: श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।

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