सम्बंधित जानकारी
- महाकालेश्वर की चौथी सवारी, जानें किस रूप में निकलेंगे बाबा महाकाल
- महाकालेश्वर की सवारी में मन महेश और चंद्रमौलीश्वर में क्या है अंतर
- Mahakal sawari 2023 : उज्जैन महाकाल बाबा की दूसरी सवारी कब और किस मार्ग से निकलेगी?
- Sawan Maas 2023 : सावन के माह में कब-कब निकलेंगी उज्जैन में महाकाल बाबा की सवारी
- Sawan maas 2023 : श्रावण मास में कब कब रहेंगे सोमवार
Mahakal Sawan Sawari: उज्जैन में सावन की पांचवीं सवारी, पांच स्वरूपों में दर्शन देंगे महाकाल बाबा
Ujjain mahakal fifth 3rd sawari : 07 अगस्त 2023 को उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में बाबा महाकाल की पांचवीं सवारी निकलने वाली है, जबकि अधिक मास की यह तीसरी सवारी रहेगी। हर सवारी पर महाकाल बाबा का श्रृंगार अलग अलग रूपों में होता है। इस बार बाबा चांदी की पालकी में सवार होकर पांच स्वरों में नगर भ्रमण करेंगे।
बाबा महाकाल के पांच स्वरूप : आज की सवारी में महाकाल चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, नंदी रथ पर उमा महेश, गरूड़ रथ पर शिव तांडव और डोल रथ पर होलकर स्वरूप में दर्शन देंगे। दर्शन का ये क्रम लगातार 20 घंटे तक चलेगा और 5 लाख से ज्यादा भक्तों के आने का अनुमान लगाया जा रहा है।
दर्शन के लिए सुविधा : भक्तों की भीड़ के बढ़ने को लेकर व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। 250 रुपए की टिकट बुकिंग कर आने वाले श्रद्धालुओं से लेकर, नियमित दर्शनार्थी, कांवड़ यात्री, वीआईपी, वीवीआईपी, हरिओम जल समेत सभी के लिए अलग अलग दर्शन व्यवस्था है। दावा है कि 40 मिनट में बिना परेशानी के सभी भक्तों को महाकाल के दर्शन होंगे।
सवारी परंपरागत मार्ग : परंपरा के मुताबिक दोपहर 3:30 बजे महाकाल सभा मंडप में भगवान चंद्रमौलेश्वर का विधिवत पूजन अर्चन किया जाएगा और इसके बाद सवारी नगर भ्रमण पर निकलेगी। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र बलों की टुकड़ी बाबा को गार्ड ऑफ ऑनर देगी। महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाडी से होती हुई रामघाट पहुंचेगी। जहां शिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन-अर्चन किया जाएगा। इसके बाद सवारी रामानुज कोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होती हुई पुन: श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
