श्रावण मास के तीसरे सोमवार को क्या करें कि भोलेनाथ हो जाएं प्रसन्न


सोमवार पर भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है।सोमवार के दिन भगवान शिव का अभिषेक और श्रृंगार करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

इस दिन अभिषेक करने से भोलेनाथ बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

सोमवार के दिन भगवान शिव की प्रिय चीजों का भोग लगाना चाहिए। इस दिन शिव मंत्र और शिव आरती का पाठ करना अच्छा माना गया है।

भगवान शिव को समर्पित है।

यह माह सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

इस माह आने वाले सोमवार का विशेष महत्व है।

सावन माह में पूजा और जलाभिषेक करने से भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं।


सावन माह में सोमवार का व्रत मनोवांछित फल प्रदान करता है।

सावन माह में भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा पूरे मनोयोग से करें।

सावन के सोमवार को की गई पूजा, व्रत तुरंत फल प्रदान करने वाले माने जाते हैं।

दांपत्य जीवन में मधुरता के लिए सावन के सोमवार को पति-पत्नी साथ में भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करें।

भगवान शिव और माता पार्वती को चावल की खीर का प्रसाद अर्पित करें।

अगर लंबे समय से किसी बीमारी से ग्रस्त हैं तो सावन के सोमवार पर जल में थोड़े काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।

आर्थिक समस्याओं से घिरे हैं तो सावन के सोमवार को अनार के जूस से भगवान शिव का अभिषेक करें।

सावन में सोमवार के दिन उग्र स्वभाव वाले लोगों को उपवास रखना चाहिए। इससे उग्रता में कमी आती है।

यदि कुंडली में राहु और केतु के साथ यदि चंद्र स्थित है तो सावन में सोमवार का व्रत अवश्य रखें।

किसी भी प्रकार की मानसिक परेशानी है या तनाव बना रहता है तो सावन सोमवार का व्रत विशेष फलदायी है।

परिवार में किसी को स्वास्थ्य विकार है तो सावन के सोमवार का व्रत रखें।

श्रावण मास में भगवान अर्धनारीश्वर की मूर्ति घर में लाएं।

अपने घर या प्रतिष्ठान पर नंदी पर सवार भगवान शिव का चित्र लगाएं।

श्रावण मास में हनुमान जी की पूजा भी विशेष फलदायी है।

शिव चालीसा और हनुमान चालीसा का पाठ करें।

श्रावण मास में उत्तर दिशा में तुलसी का पौधा लगाने से घर का वातावरण शुद्ध होता है।

सावन माह में पंचमुखी रुद्राक्ष धारण करें इससे सौभाग्य में वृद्धि होती है।


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